Uttarakhand: सिलक्यारा टनल को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी, बड़कोट से बाबा बौख नाग ट्रैक रुट बनेगा
ट्रैक रूट को सिलक्यारा टनल के पास तक बनाया जाए। इसके बनने से चारधाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालु भी बौखनाग के दर्शन के करने के लिए इस रूट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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सीमांत जिले उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनेगा। पर्यटन विभाग इस संभावना को हकीकत में बदलने की तैयारी में जुट गया है। साहसिक पर्यटन के शौकीन सैलानियों के लिए बड़कोट से बाबा बौखनाग ट्रैक को सिलक्यारा टनल तक विकसित करने की तैयारी है।
इस संबंध में सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी के प्रस्ताव का हवाला दिया है, जिसमें वन विभाग के तहत दो ट्रैक रुट विकसित करने का अनुरोध किया गया है। इनमें पहला ट्रैक रूट नौगांव में बड़कोट से बाबा बौखनाग तक का है। इस संबंध में डीएफओ उत्तरकाशी, डीएफओ अपर यमुना प्रभाग एवं जिला पर्यटन विकास अधिकारी की बैठक भी हो चुकी है।
इस बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी ने बाबा बौखनाग ट्रैक को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर जोर दिया था। साथ यह सुझाव भी दिया था कि ट्रैक रूट को सिलक्यारा टनल के पास तक बनाया जाए। इसके बनने से चारधाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालु भी बौखनाग के दर्शन के करने के लिए इस रूट का इस्तेमाल कर सकते हैं। सचिव पर्यटन ने पर्यटन की संभावना की दृष्टि से इस ट्रैक रूट के प्रस्ताव को वन विभाग की कार्ययोजना में शामिल करने का प्रमुख सचिव से अनुरोध किया।
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देश दुनिया की निगाहों में आ गई थी सिलक्यारा टनल
निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल उस वक्त देश दुनिया की निगाहों में आ गई थी, जब इसमें मलबा आने से 42 मजदूर फंस गए थे। 17 दिन के बचाव अभियान के बाद 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाबी मिली थी। सीएम धामी ने अपनी घोषणा के अनुसार टनल के पास ही बाबा बौखनाग के मंदिर का निर्माण कराया। अब यह स्थल लोगों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।