उत्तराखंड: पुलिस ने तीन लोगों को लाठियों से पीटा, शराब की ओवर रेटिंग का आरोप, वीडियो वायरल
- स्थानीय लोगों का कहना, शराब की ओवर रेटिंग का कर रहे थे विरोध
- व्यापारियों ने पुलिस कर्मियों को निलंबित नहीं करने पर हड़ताल की दी चेतावनी
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उत्तराखंड के जोशमीठ थाना क्षेत्र में पुलिस ने तीन लोगों को डंडों से बेरहमी से पीटा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना के विरोध में थाना पहुंचे व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि मौके पर शराब की ओवर रेटिंग का विरोध किया जा रहा था।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित नहीं किया गया तो वह हड़ताल कर देंगे, जबकि पुलिस का आरोप है कि तीनों वहां हंगामा कर रहे थे। वहीं, डीजीपी ने इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।
बुधवार को जोशीमठ में अंग्रेजी शराब की दुकान के बाहर पुलिस कर्मियों की ओर से तीन लोगों को लाठियों से पीटने का वीडियो वायरल हो गया। स्थानीय व्यापारी इसके विरोध में थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
व्यापार संघ अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी का कहना है कि ओवर रेटिंग का विरोध करने पर शराब कारोबारियों ने लोगों को पुलिस से पिटवाया है। यदि मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित नहीं किया गया तो व्यापारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे।
वहीं कोतवाल राजेंद्र सिंह खोलिया का कहना है कि तीन लोगों के हंगामा करने की सूचना पर पुलिस कर्मी वहां गए थे, जिसके चलते कार्रवाई की गई है। ओवर रेटिंग की शिकायत नहीं मिली है, शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। मारपीट मामले की जांच की जाएगी।
वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित इंजीनियरों की बहाली के लिए मंत्री से मिला महासंघ
लोनिवि दुगड्डा के एई और जेई के निलंबन को एकतरफा कार्रवाई बताते हुए उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत से मिले। महासंघ ने लोनिवि दुगड्डा के निलंबित इंजीनियरों की बहाली की मांग की।
महासंघ के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, जुगल किशोर, खंडीय अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह रावत, रोमा भारद्वाज, संतोष भारद्वाज, विश्वास सैनी समेत कई सदस्यों ने बुधवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत से उनके आवास पर मुलाकात की। महासंघ ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर की गई निलंबन की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है।
कहा कि बिना जांच और सत्यता के निलंबन की कार्रवाई से कार्मिकों का मनोबल गिर रहा है। वन मंत्री के प्रेस सचिव सुधीर बहुगुणा ने बताया कि वन मंत्री ने लोनिवि के सचिव से दूरभाष पर बात कर मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर समाधान का भरोसा दिया है।