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Uksssc Paper Leak: निगरानी के लिए नहीं थे अधिकारी, आउटसोर्स कंपनी के भरोसे छोड़ दी परीक्षा

Tue, 09 Aug 2022 05:17 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 09 Aug 2022 05:17 PM IST
सार

एसटीएफ 16 दिनों से इस मामले की जांच कर रही है। पहले बताया जा रहा था कि कोई न कोई आयोग के अंदर भी बैठा है, जिसने मामले को हवा दी है। लेकिन, अब तक की जांच में किसी की सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं पाई गई।

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Uttarakhand News: Officers was completely dependent on outsourced company
जांच पड़ताल(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay

विस्तार

पेपर लीक मामले में अब तक उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कर्मचारियों का सीधे तौर पर भले ही कोई हाथ न हो, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही जरूर सामने आ रही है। आयोग एक आउटसोर्स कंपनी को परीक्षा की जिम्मेदारी देकर लापरवाह बन बैठा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी ढंग से नहीं की गई। प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर सीटों के अरेजमेंट तक का काम इसी कंपनी के भरोसे रहा। ऐसे में जहां चूक हुई, शुरुआत में ही उसे पकड़ा नहीं जा सका।

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एसटीएफ 16 दिनों से इस मामले की जांच कर रही है। पहले बताया जा रहा था कि कोई न कोई आयोग के अंदर भी बैठा है, जिसने मामले को हवा दी है। लेकिन, अब तक की जांच में किसी की सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं पाई गई। एसटीएफ कड़ी दर कड़ी आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है और हर मोड़ पर आयोग की लापरवाही सामने आ रही है। एसटीएफ के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा नियंत्रक पूरी प्रक्रिया के लिए अधिकृत होते हैं। 
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वह अपने अधीनस्थों से पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी कराते हैं। मगर, आयोग के पास इसके लिए पर्याप्त कर्मचारी ही नहीं है। जो कर्मचारी और अधिकारी हैं, उन्हें इस बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। पेपर छपाई का काम आयोग के कर्मचारियों की देखरेख में होता है, लेकिन फिर भी कंपनी के एक अदने से कर्मचारी ने सेट से पेपर चुराकर लीक कर दिया। अब तक पकड़े गए कंपनी के कर्मचारियों का भी कहना है कि उनसे आयोग के अधिकारी कम ही संपर्क में रहते थे। 
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परीक्षा हॉल तक कंपनी के कर्मचारी  
हर परीक्षा हॉल तक आयोग के कर्मचारी हों ऐसा संभव नहीं है, लेकिन आयोग के अधिकारियों की जिम्मेदारी कम से कम शहर विशेष की निगरानी की तो रहती है। पर, आयोग ने इस तरह की व्यवस्था भी नहीं की। परीक्षा केंद्रों और यहां तक कि हॉल तक में कंपनी के कर्मचारियों की ही पहुंच रहती है। यानी परीक्षा की जिम्मेदारी कंपनी को देकर आयोग निश्चिंत हो गया।

एसटीएफ ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक से की पूछताछ 

पेपर लीक मामले में तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक से एसटीएफ ने घंटों पूछताछ की। उनसे परीक्षा की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा आउटसोर्स कंपनी के बारे में भी पूछताछ हुई। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, उनसे पूछताछ में अभी तक उनकी संदिग्ध गतिविधि के बारे पता नहीं चला है। उन्हें मंगलवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। 

दिसंबर में आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित कराई थी। उस वक्त के परीक्षा नियंत्रक जनवरी में सेवानिवृत्त हो गए थे। अब 22 जुलाई को जब मामले में मुकदमा दर्ज हुआ तो तीन दिन बाद एकाएक गिरफ्तारियां भी शुरू हो गईं। एसटीएफ ने एक के बाद एक 13 गिरफ्तारियां कीं। इस पूरे मामले के केंद्र में आई आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन। इसके कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया। आयोग के परीक्षा नियंत्रक अभी किसी सीन में नहीं आए थे। जबकि, पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की थी। 

ऐसे में एसटीएफ ने उनका पता लगाने की कोशिश तो उनसे संपर्क नहीं हुआ। चार दिन पहले एसटीएफ को पता भी मिल गया। उन्होंने सोमवार में आकर बयान दर्ज कराने की बात कही थी। इस आधार पर पूछताछ भी की गई। एसटीएफ कार्यालय में वह तकरीबन पांच घंटों तक रहे। हालांकि, अभी तक उनकी भूमिका की जानकारी एसटीएफ को नहीं लगी है। एसटीएफ का कहना है कि उनसे परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली गई है। पूछताछ के चरण अभी जारी रहेंगे। 

अभिषेक को आज दून लेकर पहुंचेगी एसटीएफ 
आरएमएस कंपनी के डाटा ऑपरेटर अभिषेक वर्मा पर आरोप है कि उसने पेपर सेट से पेपर चुराकर टेलीग्राम से लीक किया था। उसके पास से करीब 10 लाख रुपये भी बरामद हुए थे। नकल करने वाले गिरोह ने उसे 36 लाख रुपये दिए थे। एसटीएफ रविवार को उसे रिमांड पर लेकर लखनऊ गई है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि फिलहाल एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है। उससे जो जानकारियां मिली हैं, तस्दीक की जा रही है। मंगलवार को टीम लेकर दून पहुंचेगी। 

मोरी क्षेत्र के एक और व्यक्ति का नाम आया सामने 
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र के एक व्यक्ति का नाम और सामने आ रहा है। इससे पहले वहां के जनप्रतिनिधि का नाम बताया जा रहा था। वह फिलहाल बैंकॉक में हैं। अब नए व्यक्ति के बारे में भी बताया जा रहा कि उसके संपर्क में भी बहुत से अभ्यर्थी थी। उसने भी पेपर खरीदकर हल कराया था। एसटीएफ जल्द ही उस व्यक्ति से भी पूछताछ करेगी। 

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