नवरात्र पर कुलदेवी की पूजा के बाद एनएसए अजीत डोभाल ने गांव वालों के सामने जाहिर की ये इच्छा
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पत्नी संग उत्तराखंड पहुंचे एनएसए अजीत डोभाल, तस्वीरों में देखें उनके दौरे की प्रमुख झलकियां
शनिवार को एनएसए अजीत डोभाल उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित अपने पैतृक गांव घीड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने नवरात्र के मौके पर अपनी कुलदेवी की पूजा की।
पूजा के बाद वह गांव वालों से मिले और उनका हालचाल जाना। वह यहां अपनी पत्नी के साथ पहुंचे थे और उनका ये निजी दौरा था।
वह करीब ढाई घंटे तक गांव में रुके और ग्रामीणों से बातचीत की। एनएसए बनने के बाद अजीत डोभाल का अपने पैतृक गांव में यह तीसरा दौरा रहा।
पूजा के बाद एनएसए डोभाल ने ग्रामीणों से बात करते वक्त गांव में अपना घर बनाने की इच्छा भी जताई। उन्होंने चाय की चुस्कियों के साथ ग्रामीणों से बात की। इस दौरान ग्रामीणों ने भी उन्हें अपनी समस्या बताई।
यहां ढाई घंटे रुकने के बाद अजीत डोभाल पत्नी सहित ऋषिकेश लौट गए। यहां उन्होंने परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में प्रतिभाग किया। एनएसए रविवार को ऋषिकेश से रवाना होंगे।
परमार्थ में गंगा आरती में शामिल हुए एनएसए अजीत डोभाल
नवरात्रि पर्व के अष्टमी और नवमी के अवसर पर शनिवार को परमार्थ निकेतन की गंगा आरती में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल ने सपरिवार भाग लिया। शनिवार को परमार्थ निकेतन आश्रम में रात्रि विश्राम के बाद रविवार को वे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
इस दौरान डोभाल ने कहा कि हम लोग राष्ट्र की ही नहीं, राज्य की भी सुरक्षा करते हैं। हमारे राज्य के जो मूलभूत गुण हैं, उन्हें हमने सुरक्षित रखा है। इस अवसर पर अजीत डोभाल ने कहा कि वे गंगा के तट पर आकर स्वयं को अभिभूत महसूस कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म ऐतिहासिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत समृद्ध है। उनके लिए आरती में भाग लेने के दौरान अपने संक्षिप्त संबोधन में एनएसए डोभाल ने कहा कि भारत ने कभी भी किसी देश पर पहले आक्रमण नहीं किया और न ही हमने अपने स्वार्थ के लिए कुछ किया है। हमने किया है तो परमार्थ के लिए है, यही भारत की संस्कृति है।
उन्होंने कहा कि स्वर्गाश्रम में जितने भी पर्यटक आते हैं, उनमें भारतीय संस्कृति को समझने और उसे जीवन में धारण करने की प्रबल इच्छा दिखती है। उन्होंने कहा कि वे गंगा से असीम प्रेम करते हैं, ऋषिकेश भी हमेशा से उनके लिए प्रिय स्थान रहा है।
इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने उन्हें रूद्राक्ष का पौधा और हिमालय दर्शन पर आधारित एक पुस्तक भी भेंट की। इस दौरान एनएसए अजीत डोभाल ने साध्वी भगवती सरस्वती को हिंदू धर्म विश्वकोश के 11 खंडों के प्रकाशन के लिए धन्यवाद देते हुये कहा कि इस महाग्रंथ में हिन्दू धर्म और संस्कृति की जो वैज्ञानिक व्याख्या की गई है। वह अद्भुत है। अष्टमी और नवमी के पावन अवसर पर मां गंगा के पावन तट पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने महा ग्रंथ हिन्दूधर्म विश्वकोश की प्रति डोभाल को भेंट स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर पत्नी अनु डोभाल जी, पुत्र शौर्य डोभाल और दोनों बेटियां भी उपस्थित थीं।
क्षेत्र में सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
डोभाल के आगमन पर पूरे तीर्थक्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। देहरादून, पौड़ी और टिहरी की पुलिस अलर्ट पर रही। प्रशासन के लोग भी व्यवस्थाएं बनाने में जुटे रहे। हालांकि डोभाल के आगमन पर कहीं भी पब्लिक मूवमेंट नहीं रोका गया। लेकिन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता देख हर कोई हैरत में था। रविवार को दिन होने के चलते स्वर्गाश्रम क्षेत्र में पर्यटकों की खासी भीड़ थी। लेकिन इस दौरान किसी को क्षेत्र में चहलकदमी करने में कोई परेशानी नहीं हुई।