Cyber Crime: डॉलर का लालच देकर रुपये ठगने वाला नाइजीरियन दिल्ली से गिरफ्तार, ऐसे बनाता था शिकार
नाइजीरियन ठग विदेशी महिला के नाम से फेसबुक आईडी बना रहे हैं। इसके बाद स्थानीय लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उनसे अपने गैंग की किसी महिला से बात करवाते हैं। यह बात वीडियो कॉलिंग और चैटिंग तक पहुंच जाती है।
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एसटीएफ ने दिल्ली से एक नाइजीरियन को ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। नाइजीरियन ने डॉलर करेंसी के गिफ्ट भेजने के नाम पर रानीखेत निवासी एक व्यक्ति से 60 लाख की ठगी की है। साइबर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर दो लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, चार नेटशटर, 16 पेनड्राइव, एक कार्ड रीडर, तीन मेमोरी कार्ड, एक ब्लूटूथ और दो पासपोर्ट बरामद किए हैं।
गांव किलकोट, रानीखेत निवासी सुरेश आर्य ने मई में साइबर थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके फेसबुक अकाउंट पर एक विदेशी महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। इसके बाद सुरेश की उस महिला से ऑनलाइन मित्रता हो गई और व्हाट्सएप पर चैटिंग और वायस कॉल होने लगी। सुरेश के अनुसार एक दिन महिला ने उससे कहा कि वह सुरेश के लिए एक लाख यूएस डॉलर लेकर दिल्ली एंबेसी पहुंच गई है जहां आरबीआई के चार्जेज के नाम पर 63,000 रुपये मांगे जा रहे हैं। इस पर सुरेश ने उसके बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद उसने लगातार सुरेश से इंश्योरेंस बांड, यूनाइटेड नेशंस फॉर्म, हाईकोर्ट वेरिफिकेशन चार्ज, आईएमएफ चार्ज, ट्रांजेक्शन अलर्ट चार्ज, केवाईसी चार्ज व क्लीनिंग चार्ज सहित कुल 60,01,762 रुपये ले लिए लेकिन इसके बाद भी डॉलर करेंसी नहीं मिली। इस दौरान सुरेश की कई विदेशी अफसरों से दिल्ली में मुलाकात भी हुई। जब काफी दिन बीत गए तो सुरेश को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसटीएफ की साइबर पुलिस ने करीब दो महीने की खोजबीन के बाद मंगलवार देर शाम नाइजीरिया निवासी ऑलिव को दिल्ली के सफदरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि ऑलिव वहां पर किराये के फ्लैट में रह रहा था। साइबर पुलिस ने ऑलिव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सूचना नाइजीरिया एंबेसी को भेजी दी है।
फर्जी आईडी बनाकर कर रहे ठगी
कई नाइजीरियन ठग स्टूडेंट वीजा के आधार पर देश में रह रहे हैं। पुलिस ने बताया कि नाइजीरियन ठग विदेशी महिला के नाम से फेसबुक आईडी बना रहे हैं। इसके बाद स्थानीय लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उनसे अपने गैंग की किसी महिला से बात करवाते हैं। यह बात वीडियो कॉलिंग और चैटिंग तक पहुंच जाती है। इसके बाद महिला यहां के लोगों को गिफ्ट भेजने का लालच देती है।
इसी दौरान वह उनसे कहती है कि गिफ्ट भेजने के लिए भारत में कई तरह के वेरिफिकेशन चार्ज लग रहे हैं। इसके भुगतान की मांग कर लोगों को यह नाइजीरियन आसानी से देश के अंदर बैठकर ठगते हैं। इसके बाद से ठग उस आईडी को बंद कर देते हैं।
इस दौरान ठग पीड़ितों के पास से आई रकम को बैंक के खातों में ट्रांसफर करवा लेते हैं। यह बैंक खाते भी नाइजीरियन ठग भारत के अन्य लोगों से किराए पर लेते हैं और बाकायदा उसका किराया भी खाता स्वामी को देते हैं। हालांकि साइबर पुलिस अभी नाइजीरियन ठग से पूछताछ कर रही है। जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपी गिरफ्तार भी हो सकते हैं।