अमर उजाला एक्सक्लूसिव : देश में नए टाइगर कॉरिडोर और हैबिटेट बनाने की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के टाइगर रिजर्व, वन्यजीव अभ्यारण्यों और कंजर्वेशन रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के बाद अब नए टाइगर हैबिटेट और कोरिडोर की जरूरत महसूस होने लगी है।
केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) को नए टाइगर कॉरिडोर विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। योजना में कई राज्यों के वन विभाग के अधिकारियों की भी मदद ली जा रही है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में 103 नेशनल पार्कों के साथ ही 537 वन्यजीव अभयारण्य और 67 कंजर्वेशन रिजर्व हैं। इनमें कुल 2967 बाघों को संरक्षित किया जा रहा है। लेकिन बाघों की बढ़ती संख्या के साथ ही बाघों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
साथ ही टाइगर रिजर्व में बाघों के नेचुरल हैबिटेट को लेकर भी समस्या खड़ी हो रही है। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व समेत देश के सभी टाइगर रिजर्व ने नए टाइगर हैबिटेट और कोरिडोर बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
देश में कुल 2967 बाघ
भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से 2018 में की गई गणना के मुताबिक पूरे देश में 2967 बाघ हैं। सबसे अधिक 526 बाघ मध्य प्रदेश के जंगलों में पाए गए। जबकि 524 बाघों के साथ दूसरे स्थान पर कर्नाटक है। उत्तराखंड के जिम कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में 442 बाघ हैं। 2014 की तुलना में साल 2018 में कराई गई गणना में बाघों की संख्या 741 अधिक पाई गई। चार साल के भीतर बाघों की संख्या में 33 फीसदी की बढ़ोतरी की हुई है।
छत्तीसगढ़ और मिजोरम में घटी संख्या
छत्तीसगढ़ और मिजोरम में बाघों की संख्या में कमी आई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 2014 में 46 बाघ थे। वहीं 2018 सिर्फ 19 पाए गए।
जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर हैबिटेट मैनेजमेंट को लागू करने के साथ ही नए कोरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व में वर्तमान में बाघों की संख्या 252 है। फिलहाल टाइगर रिजर्व में छह कोरिडोर हैं। वही कुछ नए कोरिडोर बनाए जा रहे हैं।
-राहुल, निदेशक, जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व
देश के सभी टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्यों में बाघों को संरक्षित करने को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए प्राकृतिक आवास मुहैया कराने को लेकर हैबिटेट मैनेजमेंट लागू करने के साथ ही नए कोरिडोर भी विकसित किए जा रहे हैं।
- डॉ. धनंजय मोहन, निदेशक, भारतीय वन्यजीव संस्थान