{"_id":"60387581cc3b95530c24c920","slug":"uttarakhand-news-nainital-high-court-orders-in-badrinath-highway-illegal-seizure","type":"story","status":"publish","title_hn":"केदारनाथ के लिए हेली कंपनियों के टेंडर में अनियमितता का मामला, नैनीताल हाईकोर्ट ने केंद्र समेत अन्य पक्षों से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथ के लिए हेली कंपनियों के टेंडर में अनियमितता का मामला, नैनीताल हाईकोर्ट ने केंद्र समेत अन्य पक्षों से मांगा जवाब
Fri, 26 Feb 2021 10:03 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 26 Feb 2021 10:03 AM IST
विज्ञापन
नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल हाईकोर्ट ने केदारनाथ के लिए हेली कंपनियों के उड़ान भरने के टेंडर में अनियमितता मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, नागरिक उड्डयन विभाग, आठ हेली कंपनियों को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार दिल्ली निवासी ए श्रीनिवासन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हेली कंपनियों के पास अतिरिक्त हेलिकॉप्टर नहीं हैं।
विज्ञापन
पायलटों के पास अनुभव प्रमाणपत्र नहीं हैं। इस पर याचिकाकर्ता ने निविदा प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र सरकार सहित अन्य को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने बदरीनाथ हाईवे पर अवैध कब्जे के मामले में दिए आदेश
नैनीताल हाईकोर्ट ने कोटद्वार में नजूल भूमि और बदरीनाथ हाईवे पर अतिक्रमण के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद अपने पहले के आदेश में संशोधन किया है। अदालत ने नगर निगम कोटद्वार को निर्देश दिए हैं कि वह 15 दिन के भीतर अतिक्रमणकारियों के कागजों की जांच कर लें और दो माह के भीतर अतिक्रमण को हटाए।
अदालत ने इससे पहले पारित आदेश में नजूल भूमि और हाईवे के आसपास हुए अतिक्रमण को आठ सप्ताह के भीतर हटाने के आदेश दिए थे। कुछ अतिक्रमणकारियों ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे।
इधर, मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। कोटद्वार निवासी मुजीब नैथानी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कोटद्वार में नजूल भूमि व बदरीनाथ हाईवे पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है और निर्माण कार्य किया जा रहा है।
याचिका में कहा कि अतिक्रमण के कारण हाईवे संकरा हो गया है और आए दिन जाम लगा रहता है। इसलिए इस पर से अतिक्रमण को हटाया जाए।