फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand news : MRI machine not installed in doon hospital

देहरादून : एक साल से नहीं लग पाई, अब तीन महीने में लगवाएंगे एमआरआई मशीन 

Mon, 28 Jun 2021 03:47 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 28 Jun 2021 03:47 PM IST
सार

उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश और हिमाचल के सीमावर्ती जिलों के मरीजों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2007 में राजकीय दून अस्पताल में एमआरआई मशीन लगाई गई थी। इससे रोज 35 मरीजों की जांच की जाती थी।

विज्ञापन
uttarakhand news : MRI machine not installed in doon hospital
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज

विस्तार

कागजों में करोड़ों का बजट है, लेकिन लगभग एक साल से राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन नहीं लग पाई। अब दावा किया जा रहा है कि अगले तीन महीनों में एमआरआई मशीन लगाई जाएगी। विलंब का तर्क यह दिया जा रहा है कि चार करोड़ की कीमत वाली इस मशीन के लिए दो बार टेंडर जारी किए गए थे लेकिन किसी भी कंपनी से डील फाइनल नहीं हो पाई। अब तीसरी बार फिर टेंडर निकाले जा रहे हैं। जो भी कंपनी प्रस्ताव देगी, उसे मौका दिया जाएगा। 

विज्ञापन


उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश और हिमाचल के सीमावर्ती जिलों के मरीजों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2007 में राजकीय दून अस्पताल में एमआरआई मशीन लगाई गई थी। इससे रोज 35 मरीजों की जांच की जाती थी। वर्ष 2017 में इस मशीन की अवधि पूरी हो गई।
विज्ञापन


उसके बाद भी इंजीनियरों से मेंटिनेंस कराकर वर्ष 2020 तक इससे जांच की गई। इस दौरान जांच के रिजल्ट में कमी आने के साथ-साथ बार-बार स्पाकिंग या आग लगने की घटनाओं के बाद लगभग एक साल पहले इसे बंद कर दिया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दोगुना शुल्क देकर मरीजों को करानी पड़ रही जांच 
वर्तमान में मरीजों को निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों में दो गुना शुल्क देकर एमआरआई जांच करानी पड़ रही है।   एमआरआई के प्रभारी महेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि दून अस्पताल में रोजाना औसतन 35 एमआरआई जांच होती थी। यहां पर शुल्क भी शरीर के किसी भी एक हिस्से का 3500 रुपये तय है। निजी अस्पतालों में एक हिस्से की एमआरआई जांच का शुल्क कम से कम सात हजार रुपये है।

छह करोड़ रुपये हो चुके हैं स्वीकृत
एमआरआई जांच बंद होने के बाद से स्वास्थ्य महानिदेशालय, शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग और राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बीच नई मशीन मंगाने के लिए कागजी कार्यवाही चल रही है। कोविड की पिछली लहर के के दौरान ही इसके लिए शासन से छह करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके थे, लेकिन टेंडर में एक से ज्यादा कंपनी नहीं आईं। इससे मामला अधर में लटक गया है। 


दो बार टेंडर डाले जा चुके हैं। अब तीसरी बार में जो भी कंपनी आएगी उसे टेंडर दे दिया जाएगा। एमआरआई मशीन मंगाकर इसे लगभग तीन महीने के भीतर इंस्टॉल कर दिया जाएगा। जिससे जरूरतमंद मरीजों को कम शुल्क पर जांच की सुविधा मिल पाएगी।
- डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य, दून अस्पताल 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed