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उत्तराखंड : मंत्री-विधायकों की टांग खिंचाई से सरकार और भाजपा असहज, संगठन ने विवादों से बचने के दिए निर्देश
Sat, 15 May 2021 01:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 15 May 2021 01:16 PM IST
सार
भाजपा में विवादित बयानबाजी का यह हाल तब है, जब वर्चुअल बैठकों में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम पार्टी नेताओं और विधायकों को ताकीद किया था कि वे कोविड काल में जनता के साथ खड़े हों और उनकी स्वास्थ्य, राशन और अन्य सुविधाओं के लिए मदद करें।
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भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम
- फोटो : social media
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विस्तार
कोविड-19 महामारी के बीच जब पूरा प्रदेश संक्रमण के हमले से त्राहिमाम है। ऐसे वक्त में सत्तारूढ़ भाजपा के मंत्रियों और विधायकों की आपसी तकरार और टांग खिंचाई से उनकी खूब किरकिरी हो रही है। पार्टी नेताओं के इस आचरण से संगठन और सरकार दोनों असहज हैं। संगठन की ओर से पार्टी के सभी नेताओं व विधायकों को विवादों से बचने और कोविड 19 महामारी की रोकथाम के अभियान में जुटने के निर्देश दिए गए हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक-दूसरे पर बयानी तीर छोड़ने और सार्वजनिक रूप से टांग खिंचाई के मामले को संगठन ने बेहद गंभीरता से लिया है। बताते हैं कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी मंत्रियों व विधायकों से इस संबंध में बात की और संयम बरतने की सलाह दी।
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भाजपा में विवादित बयानबाजी का यह हाल तब है, जब वर्चुअल बैठकों में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम पार्टी नेताओं और विधायकों को ताकीद किया था कि वे कोविड काल में जनता के साथ खड़े हों और उनकी स्वास्थ्य, राशन और अन्य सुविधाओं के लिए मदद करें। लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं पर इसका असर पड़ता नहीं दिख रहा है। श्रेय लेने की होड़ में नेता आपस में ही भिड़ रहे हैं।
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जो भी विवाद हुए हैं, पार्टी ने उनका संज्ञान लिया है। पार्टी पदाधिकारियों, विधायकों व कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसा आचरण न करें जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो। कोरोनाकाल में सेवा कार्यों पर फोकस करें।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
इन्हें लेकर विवाद और चर्चा
1.प्रदेश सरकार जब लॉकडाउन से हिचक रही है। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह ने लॉकडाउन लगाए जाने का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने अलग स्वास्थ्य मंत्री भी बनाए जाने की मांग की।
2. कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी कोरोना की पहली लहर में सरकार के स्तर पर ढील बरतने की बात कही। इसे तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर निशाने के तौर पर देखा गया।
3. पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पलटवार कर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को अनुभवहीन नेता बता दिया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास होने का समर्थन किया। इसे हरक के बयान की काट के तौर पर देखा गया।
4. कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का बचाव किया और अनुभवी नेता बताया। साथ ही उन्होंने भी कह दिया कि पहली लहर में चूक हो गई।
5. पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया में खूब आलोचना हुई। त्रिवेंद्र ने कहा कि कोरोना भी एक प्राणी है और उसे भी जीने का अधिकार है।
6. रायपुर में कोविड केयर सेंटर में विधायक उमेश शर्मा काऊ और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी आईसीयू एक-दूसरे की बात काटते नजर आए। मंत्री ने कहा कि वहां आईसीयू नहीं है। विधायक ने कहा कि 30 आईसीयू तैयार हैं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।