उत्तराखंड : अध्यक्ष पद से औचक विदाई पर श्रम मंत्री हरक सिंह नाराज, आज आ सकते हैं देहरादून
- एक साल के सेवा विस्तार की आस लगाए हुए थे हरक सिंह
- मोबाइल फोन किए बंद, आज आ सकते हैं देहरादून
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से विदाई के बाद श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने चुप्पी साध ली है। इसे उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।
उत्तराखंड: भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन, अध्यक्ष पद से वन मंत्री हरक सिंह बाहर
बुधवार को दिन भर उनके दोनों फोन नंबर बंद रहे। बोर्ड की सचिव दमयंती के मामले में शासन के बदले रुख को लेकर यही चर्चा रही कि हरक सिंह ने शासन से अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है।
श्रम मंत्री हरक सिंह प्रदेश के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। 2017 में कर्मकार कल्याण बोर्ड में उनकी ताजपोशी को भी उनके रुतबे और सरकार में पैठ के रूप में देखा गया था। इसके बाद बोर्ड के सचिव पद के रूप में दमयंती की तैनाती भी उनके इसी रुतबे का परिणाम माना गया।
उन्होंने कई आरोप भी झेले
बोर्ड के पिछले तीन साल के कार्यकाल में हरक सिंह अपने इस रुतबे के चलते कई आरोपों को दरकिनार करते रहे। बोर्ड सचिव पर भी आरोप लगे और घटिया साइकिलों को बांटने सहित अन्य कई आरोप भी उन्होंने झेले।
ऐसे में जितने मुुखर होकर वह बोर्ड के अध्यक्ष बनाते समय हुए थे, तीन साल बाद उतनी ही खामोशी से उनकी पद से विदाई भी हुई। सूत्रों के मुताबिक हरक सिंह को यह भनक भी नहीं लगी कि बोर्ड का पुनर्गठन किया जा रहा है। वह मान रहे थे कि उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर हरक सिंह नाराज हैं। हालांकि सियासी समझदारी के चलते अभी तक हरक ने इस पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को हरक सिंह देहरादून में ही होंगे। ऐसे में गुरुवार को इस मामले का एक और रुख खुलकर सामने आ सकता है।