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यूपी के तीन जिलों की आयकर निगरानी देहरादून के हाथों में, विभाग ने जारी किए आदेश

Tue, 22 Sep 2020 10:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 22 Sep 2020 10:48 AM IST
सार

  • आयकर विभाग ने जारी किए हैं आदेश, सभी आयकर रिटर्न भी दून में ही जांची जाएंगी
  • मुजफ्फरनगर, शामली, खतौली, सहारनपुर के आयकर से जुड़े मामले देहरादून से देखे जाएंगे

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Uttarakhand news: Income tax monitoring of three districts of UP in the hands of Dehradun
income tax department - फोटो : wiki

विस्तार

आयकर विभाग में फेसलैस असेसमेंट शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर जिलों की कमान भी देहरादून के प्रधान आयकर आयुक्त के हाथों में आ गई है। इन सभी जिलों से जुड़ी जो भी आयकर रिटर्न फाइल की जाएगी, उसकी जांच और कार्रवाई देहरादून से अमल में लाई जाएगी।

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आयकर विभाग ने हाल ही में नई व्यवस्था के तहत देहरादून में मुख्य आयकर आयुक्त का कार्यालय खत्म कर दिया है। अब यहां केवल प्रधान आयकर आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे। हरिद्वार और ऋषिकेश के रेंज कार्यालय बंद करने के बाद अब आयकर विभाग ने उत्तर प्रदेश के पड़ोसी जिलों मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर की जिम्मेदारी भी देहरादून कार्यालय को दे दी है। इसके तहत इन सभी जिलों की आईटीआर की जांच और कार्रवाई दून कार्यालय के अधिकारियों के नेतृत्व में की जाएगी। दून कार्यालय के तहत ही सर्वे की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। 
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मुजफ्फरनगर हेडक्वार्टर रहेगा

यूपी के इन सभी जिलों के लिए मुजफ्फरनगर जिले को हेडक्वार्टर बनाया गया है, जहां डिप्टी कमिश्नर या असिस्टेंट कमिश्नर बैठेंगे। यहां से खतौली, देवबंद, बुढ़ाना, जानसठ की आईटीआर की भी जांच की जाएगी। मुजफ्फरनगर के यह अधिकारी देहरादून के प्रधान आयकर आयुक्त को रिपोर्ट करेंगे। उन्हीं के निर्देशों पर कार्रवाई करेंगे।
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करदाताओं को जारी नहीं होंगे नोटिस

फेसलैस असेसमेंट के तहत अब राज्य स्तर पर करदाताओं को नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे। यह काम अब नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर (दिल्ली) करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के आधार पर सॉफ्टवेयर ही नोटिस के लिए केस का चयन करेगा। फिर यहां से सभी अधिकारियों को केस आवंटित किए जाएंगे।


हालांकि, अधिकारियों को दूसरे राज्यों के केस दिए जाएंगे। जिस करदाता को नोटिस जारी होगा, वह यह नहीं जान पाएगा कि उसका प्रकरण कौन और किस राज्य का अधिकारी देख रहा है। अंतिम आदेश के साथ ही यह जानकारी बाहर निकल पाएगी।

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