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जेल में रंगदारी मामला: प्रभारी जेल अधीक्षक समेत चार कर्मचारी निलंबित

Tue, 05 Oct 2021 09:56 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 05 Oct 2021 09:56 PM IST
सार

रंगदारी मामले में पुलिस ने जेल में तैनात एक चालक को गिरफ्तार भी किया था। साथ ही तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, डेढ़ लाख रुपये की नगदी और चरस भी बरामद की थी।

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Uttarakhand News: In-charge jail Superintendent including four employees Suspended in Extortion Case
इस्तीफा - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

अल्मोड़ा जिला जेल से रंगदारी मांगे जाने के मामले में पुलिस मुख्यालय ने जेल अधीक्षक संजीव ह्यांकी सहित चार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। सोमवार शाम को एसटीएफ और अल्मोड़ा जिला पुलिस ने जेल में छापा मारकर जेल में बंद कैदी के पास से मोबाइल फोन, सिम और नकदी बरामद की थी। जेल में बंद कैदी ने फोन के जरिये रंगदारी मांगी थी।  

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रंगदारी मामले में पुलिस ने जेल में तैनात एक चालक को गिरफ्तार भी किया था। साथ ही तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, डेढ़ लाख रुपये की नगदी और चरस भी बरामद की थी। पूरे मामले की रिपोर्ट एसटीएफ और जिला पुलिस ने पुलिस मुख्यालय को भेजी थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक कारागार पुष्पक ज्योति ने प्रभारी जेल अधीक्षक संजीव कुमार ह्यांकी, प्रधान बंदी रक्षक शंकर राम आर्या, बंदी रक्षक प्रदीप मालिला और बंदी रक्षक राहुल राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुष्पक ज्योति ने बताया कि पूरे मामले की आगे भी जांच की जा रही है जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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ललित को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा 

जेल से रंगदारी के मामले में पुलिस ने रंगदारी की रकम को खाते में मंगाने वाले चालक ललित भट्ट को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। रंगदारी की रकम संभालने वाले महिपाल और हत्यारोपी कलीम की तलवी के लिए कोर्ट ने सात अक्तूबर का समय दिया है। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि इसके बाद पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पीसीआर के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी। मामले की विवेचना अल्मोड़ा कोतवाल अरुण कुमार को सौंपी गई है। 

अल्मोड़ा पुलिस की अहम भूमिका
जेल से रंगदारी मांगे जाने का खुलासा करने में अल्मोड़ा जिला पुलिस की अहम भूमिका रही। दरअसल पूरे मामले में अल्मोड़ा पुलिस के पास भी कुछ महत्वपूर्ण इनुपट थे, जिसके आधार पर छापे के दौरान कलीम की बैरक से मोबाइल फोन और नगदी बरामद करने में आसानी हुई। माना जा रहा था कि इतनी बड़ी बैरक में ढेर सारे सामान के साथ चीजें बरामद करना आसान नहीं था। और सामान बरामद नहीं होने पर पूरे खेल का पर्दाफाश नहीं होता। इसके लिए एसएसपी पंकज भट्ट जेल के कुछ कर्मचारियों के साथ बाहरी लोगों पर भी नजर बनाए थे। एसओजी और स्थानीय अभिसूचना इकाई को उन्होंने काफी पहले से सचेत किया था। 

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