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Workers Board: उत्तराखंड में सरकार दोबारा बनाएगी कर्मकार बोर्ड, श्रमिकों के लिए नई योजनाएं होंगी शुरू

Thu, 11 Aug 2022 12:12 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 11 Aug 2022 12:12 AM IST
सार

साइकिल आवंटन से लेकर तमाम योजनाओं में घोटालों के आरोपों के बीच कर्मकार बोर्ड पिछले तीन साल से खूब चर्चाओं में रहा। दो बार भंग होने के बाद अब यह बोर्ड सितंबर 2021 से पदेन अध्यक्ष के अधीन चल रहा है।

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Uttarakhand News: Government will be re-formed workers board soon
आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, श्रम - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में साढ़े चार लाख श्रमिकों के लिए नई कल्याणकारी योजनाएं जल्द ही शुरू होंगी। इसके लिए सरकार उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का दोबारा गठन करने जा रही है। यह बोर्ड सितंबर 2021 से पदेन अध्यक्ष के अधीन चल रहा है।

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साइकिल आवंटन से लेकर तमाम योजनाओं में घोटालों के आरोपों के बीच कर्मकार बोर्ड पिछले तीन साल से खूब चर्चाओं में रहा। पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने बोर्ड को भंग करके हरक को हटाकर शमशेर सिंह सत्याल की अध्यक्षता में नया बोर्ड बनाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल इस बोर्ड को भंग करते हुए सत्याल को हटा दिया था।
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तब से सचिव श्रम को पदेन अध्यक्ष बनाते हुए बोर्ड संचालित किया जा रहा है। बोर्ड में वर्तमान में पुरानी योजनाओं का लाभ तो श्रमिकों को मिल रहा है लेकिन उनके कल्याण की कोई नई योजना नहीं बन पा रही है। दोबारा बोर्ड बनने के बाद करीब साढ़े चार लाख श्रमिकों को नई सौगात मिलनी शुरू हो जाएगी।

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दो बार भंग हो चुका है बोर्ड

प्रदेश में वर्ष 2017 में श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी देख रहे थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देशों पर शासन ने अक्तूबर 2020 में हरक सिंह रावत को अध्यक्ष पद से हटाकर शमशेर सिंह सत्याल को जिम्मेदारी दे दी थी। सत्याल को त्रिवेंद्र का करीबी माना जाता था। हालांकि, तब हरक ने उन्हें हटाने का विरोध किया था। बाद में त्रिवेंद्र सरकार ने बोर्ड का नए सिरे से गठन कर दिया। सत्याल की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने नवंबर में पिछले बोर्ड के फैसले पलट दिए थे। इस बीच मुख्यमंत्री पद पर पुष्कर सिंह धामी के आने के बाद हरक सिंह रावत ने सत्याल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। जिसके बाद सरकार ने 30 सितंबर 2021 को बोर्ड दोबारा भंग करते हुए सत्याल को हटा दिया था।

इन पुरानी योजनाओं का मिल रहा लाभ

पेंशन योजना, आवास सहायता योजना, दुर्घटना सहायता योजना, स्वास्थ्य बीमा योजना, टूल किट योजना, विवाहोपरांत योजना, साइकिल सहायता योजना, सैनेट्री नैपकिन योजना, बारिश या धूप छाता योजना, छात्रवृत्ति योजना आदि।



कर्मकार बोर्ड भंग होने की वजह से श्रमिकों के लिए नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। चूंकि, इन पर निर्णय बोर्ड ही लेता है, इसलिए सरकार दोबारा बोर्ड के गठन की तैयारी कर रही है। जल्द ही इसका गठन हो जाएगा।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव, श्रम 

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