फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News: Gangotri Highway will Be Close in Badethi from 15 to 22 September

उत्तराखंड: 15 से 22 सितंबर तक बड़ेथी में बंद रहेगा गंगोत्री हाइवे, मनेरा बाईपास पर डायवर्ट किया जाएगा ट्रैफिक

Mon, 13 Sep 2021 09:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 13 Sep 2021 09:52 PM IST
सार

Gangotri Highway News: गंगोत्री हाइवे पर शहर से करीब तीन किमी दूर बड़ेथी के समीप ओपन टनल का निर्माण किया जा रहा है। 

विज्ञापन
Uttarakhand News: Gangotri Highway will Be Close in Badethi from 15 to 22 September
गंगोत्री हाईवे पर टनल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तरकाशी में बड़ेथी के पास गंगोत्री नेशनल हाईवे 15 से 22 सितंबर तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगा। इस दौरान यहां ओपन टनल का निर्माण कार्य किया जाएगा। इस दौरान मनेरा बाईपास से वाहनों की आवाजाही होगी। 

विज्ञापन


मसूरी: बारिश के बाद अचानक उफान पर आया कैंपटी फॉल, विकराल रूप देख दहशत में आए पर्यटक, तस्वीरें...
विज्ञापन


गंगोत्री हाइवे पर शहर से करीब तीन किमी दूर बड़ेथी के समीप ओपन टनल का निर्माण किया जा रहा है। यहां वर्ष 2012-13 की आपदा के दौरान भूस्खलन क्षेत्र विकसित हो गया था, जिससे अक्सर यहां सड़क बाधित रहती है। वर्ष 2017 में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना निगम लिमिटेड ने ऑल वेदर रोड के तहत यहां ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया था। लेकिन करीब 29 करोड़ की धनराशि खर्च करने के बाद भी ट्रीटमेंट सफल नहीं हो पाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद यहां करीब 28 करोड़ की लागत से रोड प्रोटेक्शन गैलरी (ओपन टनल) के निर्माण का निर्णय लिया गया। दिसंबर 2020 से यहां 310 मीटर लंबी, 10 मीटर चौड़ी व 11 मीटर ऊंची ओपन टनल का निर्माण किया कार्य शुरू किया गया।

निर्माण कार्य को अगस्त माह में पूरा होना था, लेकिन अभी तक 70 फीसदी कार्य भी पूर्ण नहीं हुआ है। निर्माणदायी संस्था का कहना है कि अक्तूबर माह तक निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि टनल के एक हिस्से में स्लैब डाला जाना है। इसके लिए टनल के भीतर सैटरिंग की जाएगी। इसके लिए 15 से 22 सितंबर तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। 

टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों पर खतरा

टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने से चिन्यालीसौड़ तहसील के झील से लगे तटवर्ती गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं पुरानी जोगत रोड का ब्लाक मुख्यालय के पास का लगभग आठ मीटर हिस्सा टूटकर झील में समा गया है। इससे विकासखंड की आवासीय कॉलोनी समेत देवीसौड़ पुल, बिजल्वाण मोहल्ला, टीचर्स कॉलोनी व कई व्यापारिक प्रतिष्ठान भी खतरे की जद में आ गए हैं।

बीते रविवार शाम को टिहरी झील का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे चिन्यालीसौड़ स्थित पुरानी जोगत रोड पर ब्लॉक मुख्यालय के पास मार्ग का लगभग आठ मीटर हिस्सा टूट गया। स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों का कहना है कि टिहरी बांध प्रबंधन द्वारा टिहरी झील के जलस्तर बढ़ाने से यहां पर स्थित लोगों को ख़तरा उत्पन्न हो गया है, जब तक प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षात्मक कार्य नहीं करवा लिए जाते, तब तक झील का जलस्तर बढ़ाने का विरोध किया जाएगा।

पूर्व में यहां झील से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के सुरक्षात्मक कार्य करवाए जाने की मांग की जाती रही है। उल्लेखनीय है कि मार्ग ब्लॉक मुख्यालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जोड़ता है। मार्ग के खतरे की जद में आने से प्रशासन ने उक्त मार्ग पर आवाजाही बंद करवा दी है, जिससे लोगों को ब्लॉक मुख्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए दो किमी दूर जाना पड़ रहा है। इस मौके पर खीमानंद बिजलवाण जिला उपाध्यक्ष भाजपा, कोमल सिंह राणा अध्यक्ष प्रधान संगठन, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा नौटियाल, सचिव दीपक बिष्ट, मदनलाल बिजल्वाण, राजेश रावत आदि मौजूद रहे।

पौराणिक मंदिर भी खतरे में आया 

देवीसौड़ पुल के नीचे स्थित शिव मंदिर के पुजारी मदन लाल बिजल्वाण ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से मंदिर खतरे की जद में आ गया है, जिससे पौराणिक मंदिर को खतरा उत्पन्न हो गया है। मंदिर के खतरे की जद में आने पर मंदिर को अन्यत्र शिफ्ट करने एवं मुआवजा दिए जाने की मांग की है। 

मनेरी भाली फेज टू में उत्पादन ठप होने की संभावना
इस बार सरकार ने टिहरी झील को 830 मीटर तक भरने की अनुमति दी है, जिससे झील के तटवर्ती गांवों और गमरी-दिचली पट्टियों को जोड़ने वाले संपर्क मोटर मार्ग पर झील के कटाव के कारण आवाजाही बाधित होने एवं मनेरी भाली 304 मेगावाट धरासू पावर हाउस के टीआरसी तक झील का पानी पहुंचने पर उत्पादन प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। वर्ष 2013 की आपदा में टिहरी बांध की झील का जलस्तर 831 मीटर पहुंचने पर उत्पादन करीब एक सप्ताह ठप हो गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed