{"_id":"60f47989f667f06e01649976","slug":"uttarakhand-news-former-cm-trivendra-singh-rawat-support-devasthanam-board","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र बोले, प्रदेश के इतिहास में देवस्थानम बोर्ड का गठन सबसे बड़ा सुधारात्मक कदम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र बोले, प्रदेश के इतिहास में देवस्थानम बोर्ड का गठन सबसे बड़ा सुधारात्मक कदम
Mon, 19 Jul 2021 12:38 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 19 Jul 2021 12:38 AM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि भविष्य की सोच के साथ देवस्थानम बोर्ड बनाने का फैसला लिया गया। जो लोग आज विरोध कर रहे हैं, आने वाले समय में वही बोर्ड बनाने की सराहना करेंगे।
विज्ञापन
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में चमोली जनपद के दौरे पर गए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास में देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड का गठन अब तक का सबसे बड़ा सुधारात्मक कदम है। भविष्य की सोच के साथ देवस्थानम बोर्ड बनाने का फैसला लिया गया। बोर्ड से ही उत्तराखंड का भला होगा। जो लोग आज विरोध कर रहे हैं, आने वाले समय में वही बोर्ड बनाने की सराहना करेंगे।
विज्ञापन
रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने चमोली जिले के भविष्य बदरी में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के समय लिए गए देवस्थानम बोर्ड बनाने के फैसले को आंकड़ों के साथ सही साबित करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड से ही उत्तराखंड का भला होगा। आंकड़े पेश करते हुए कहा कि त्रिवेंद्रम मंदिर की सालाना आय 950 करोड़, तिरुपति बालाजी की 1140 करोड़, तमिलनाडु में रामेश्वर मंदिर की 350 करोड़, साईं बाबा शिरडी मंदिर की 500 करोड़, सिद्ध विनायक मंदिर मुंबई की 400 करोड़, वैष्णो देवी मंदिर की 400 करोड़ है।
विज्ञापन
जबकि बदरी, केदार मंदिर की सालाना आय 15 करोड़ और गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिर की छह करोड़ है। देश के बड़े मंदिरों व धामों के आज मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। इनसे गरीबों और जरूरतमंदों को किसी न किसी रूप में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि चारधाम में देश-दुनिया के हिंदू दान देना चाहते हैं। बोर्ड बनने से उनके लिए रास्ते खुले हैं। भविष्य मंदिर के आंगन में खड़ा हूं, जो बोलूंगा सच बोलूंगा। आने वाले 5 से 10 साल में देवस्थानम बोर्ड के परिणाम सामने आएंगे। भविष्य की सोच के साथ बोर्ड का गठन किया गया। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे आने वाले समय में देवस्थानम बोर्ड के फैसले को सराहना करेंगे।
हकहकूकधारियों को मिले हक: आप
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शिशुपाल रावत ने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को भंग कर प्रदेश सरकार तीर्थ पुरोहितों और हकहकूकधारियों को उनका हक दिलाए। जारी बयान में आप उपाध्यक्ष ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड जबरदस्ती थोप कर सरकार ने हकूकधारियों और तीर्थपुरोहितों के हक पर डाला डालने की जो कोशिश की है। वो ना सिर्फ हकहकूक धारियों और पुरोहितों के सम्मान के साथ खिलवाड़ है, बल्कि उनका हनन भी है। चारधामों में तीर्थ पुरोहित व हकहकूकधारी लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है।