उत्तराखंड: प्रदेश में जल्द स्थापित होगा आपदा प्रबंधन शोध संस्थान, दो एयर एंबुलेंस की भी मांग
- राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में लिया गया फैसला
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उत्तराखंड में आपदा की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रदेश में आपदा प्रबंधन शोध संस्थान की स्थापना होगी। प्रदेश सरकार केंद्र से दो एयर एंबुलेंस की मांग भी करेगी। बीजापुर में बुधवार को आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में यह फैसला किया गया।
आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार आपदा की चुनौती से निपटने के लिए शीघ्र ही ठोस रणनीति तैयार करेगी। राज्य के 500 संवेदनशील गांवों के पुनर्वास के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाएगी। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद श्रीवास्तव, डा. पीयूष रौतेला, अन्य विभागीय अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल थे।
डीएमएमसी को खत्म करने का सवाल बरकरार
प्रदेश सरकार भले ही अब आपदा प्रबंधन शोध संस्थान बनाने का फैसला कर रही हो, लेकिन पूर्व में स्थापित आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र को खत्म करने के फैसले पर सवाल बरकरार हैं। राष्ट्रीय स्तर पर इस केंद्र को मजबूत करने की बजाय सरकार ने इसे राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में मर्ज कर दिया था। यह केंद्र भी आपदा प्रबंधन के तहत शोध का ही काम कर रहा था।
आपदा प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स लागू होगा
प्रदेश में अब आपदा प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा, कम अवधि के सर्टिफिकेट कोर्स और स्नातक स्तर पर पढ़ाई का मौका छात्रों को मिलेगा। आपदा प्रबंधन विभाग अपने खर्च पर कम अवधि का सर्टिफिकेट कोर्स कराएगा। कुलपतियों के साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आपदा प्रबंधन पढ़ाए जाने को लेकर आयोजित बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री धन सिंह रावत ने यह आदेश दिया।
बैठक में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि ने बताया कि आपदा प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा दिया जा रहा है और कुमाऊं विश्वविद्यालय जल्द ही डिप्लोमा और डिग्री कोर्स शुरू करने वाला है। मंत्री ने कहा कि सभी छात्रों के लिए स्नातक स्तर पर आपदा प्रबंधन के कोर्स अनिवार्य विषय के रूप में शुरू किया जाए।
कामकाजी लोगों और उद्यमियों के लिए एक कम अवधि का सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम और विश्वविद्यालयों की ओर से आपदा प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा और पीजी स्तर पर एक विषय के रूप में आपदा प्रबंधन का कोर्स शुरू किया जाए। तय किया गया कि सर्टिफिकेट कोर्स का खर्च आपदा प्रबंधन विभाग वहन करेगा और प्रतिभागियों को मानदेय प्रदान करने की संभावनाओं का भी पता लगाएगा।