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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की भैंरो घाटी में बनेगा देश का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र, 5.50 करोड़ होगी लागत
Sun, 02 Aug 2020 01:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 02 Aug 2020 01:30 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
देश का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की भैंरो घाटी में लंका नाम की जगह पर बनेगा। सीएम त्रिवेंद्र रावत, वन मंत्री हरक सिंह रावत और वन अधिकारियों की शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
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शनिवार को वन विभाग की ओर से दिए गए प्रस्तुतिकरण के मुताबिक हिम तेेंदुओं के आवासीय क्षेत्रों के संरक्षण के लिए सिक्योर हिमालय के तहत 2017 में परियोजना शुरू की गई थी। भारतीय वन्य जीव संस्थान के वैज्ञानिकों के मुताबिक पूरे देश में इस समय करीब 586 हिम तेंदुए हैं। आवासीय क्षेत्र संरक्षण के तहत ही प्रदेश में हिम तेेदुओं के लिए संरक्षण केंद्र बनाने का फैसला लिया गया था। यह तय कर लिया गया था कि यह संरक्षण केंद्र गंगोत्री नेशनल पार्क के मुहाने पर बनाया जाएगा।
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बैठक में उन फिंस्ट्रा ने संरक्षण केंद्र केे बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि यह केंद्र नीदरलैंड के सहयोग से बनाया जा रहा है। इसके साथ ही गंगोत्री क्षेत्र में भी देवदार नेचर ट्रेल का विकास करने की भी योजना है। इसकी लागत करीब 5.50 करोड़ रुपये होगी। बैठक में प्रमुख सचिव वन आनंद वर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक जयराज, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला, राजीव भरतरी, जेएस सुहाग सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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क्या है विशेष
- हिम तेंदुआ इतने कम दिखाई देते हैं कि उन्हें घोस्ट ऑफ माउंटेन कहा जाता है। कुछ समय पहले ही वन विभाग को इन्हीं तेंदुओं को नंदा देवी बायोस्फीयर क्षेत्र में कैमरा ट्रेप के जरिए फोटोग्राफ करने का मौका भी मिला था।
- प्रदेश में हिम तेंदुआ 3000 लेकर 4500 मीटर की ऊंचाई में नंदा देवी जैव विविधता क्षेत्र, गंगोत्री नेशनल पार्क, अस्कोट वाइल्ड लाइफ सेंचुरी आदि क्षेत्रों में पाए जाते हैं। उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में ये अधिक संख्या में देखे गए है।
- हिम तेंदुओं के आवास क्षेत्र के संरक्षण के लिए सिक्योर हिमालय नाम से परियोजना जारी है। इसके तहत पहली बार सितंबर माह से हिम तेंदुओं की गणना शुरू की जाएगी। इस समय कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे है।
- प्रदेश में इस समय 86 हिम तेंदुओं के होने का अनुमान है। यह अलग-अलग शोधों पर आधारित है। वास्तविक आंकड़ा हिम तेंदुओं की गणना होने पर सामने आएगा।
हिम तेंदुओं और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से प्रदेश में विंटर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। वन्यजीवों की लुप्त हो रही प्रजातियों के संरक्षण में और अधिक कोशिश की जरूरत है। -त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री