उत्तराखंड: छात्रसंघ चुनाव को लेकर असमंजस बरकरार, मंत्री बोले नहीं है कोई रोक, विवि कर रहे आदेश का इंतजार
Student Union Elections: प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कायदे से अक्तूबर तक चुनाव हो जाने चाहिए थे, लेकिन साल खत्म होने को है अब तक छात्र संघ के चुनाव नहीं हो पाए हैं।
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उत्तराखंड में इस बार तय समय पर छात्र संघ के चुनाव नहीं हो पाए हैं। इससे नाराज छात्र संगठन जगह-जगह आंदोलनरत हैं। जबकि विश्वविद्यालय और सरकार इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जिससे इस बार छात्रसंघ के चुनाव को लेकर असमंजस बना हुआ है।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कायदे से अक्तूबर तक चुनाव हो जाने चाहिए थे, लेकिन साल खत्म होने को है अब तक छात्र संघ के चुनाव नहीं हो पाए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना है कि छात्र संघ चुनाव को लेकर सरकार की ओर से कोई रोक नहीं हैं। विश्वविद्यालय चाहें तो चुनाव करा सकते हैं। जबकि कुछ विश्वविद्यालयों का कहना है कि अब तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं हुआ। जबकि इससे पहले शासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी होते रहे हैं।
इस संबंध में कोई निर्देश मिलने के बाद ही चुनाव कराए जा सकते हैं। उधर तय समय पर छात्र संघ के चुनाव न होने से छात्र संगठनों में नाराजगी है। जो इसके विरोध में राज्य भर में जगह-जगह आंदोलनरत हैं। छात्रों का कहना है कि महाविद्यालयों में छात्रों की कई समस्याओं का समाधान छात्र प्रतिनिधियों के माध्यम से होता है, लेकिन सरकार की ओर से तय समय पर चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। जब जनसभाएं, बैठकें एवं अन्य सभी कार्य हो सकते हैं तो छात्र संघ के चुनाव कराने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी के मुताबिक संगठन लगातार छात्र संघ चुनाव कराने की मांग करता आ रहा है। प्राचार्य के माध्यम से इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखा जा चुका है, इसके बाद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राजनीति दल नहीं चाहते छात्र संघ के चुुनाव
प्रदेश में इन दिनों सभी राजनीतिक दल विधानसभा के चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले यदि छात्र संघ के चुनावी नतीजे उलट आए तो इसका असर विधानसभा चुनाव पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा छात्र संघ चुनाव से राजनीतिक दलों की चुनाव की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है। यही वजह बताई जा रही है कि कुछ राजनीतिक दल नहीं चाहते कि फिलहाल छात्र संघ के चुनाव हों।
विश्वविद्यालयों के सामने यह है दिक्कत
राज्य के कुछ विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं चल रहीं तो कहीं प्रवेश प्रक्रिया जारी है। छात्र-छात्राओं का अभी रिजल्ट भी घोषित नहीं हुआ। ऐसे में छात्र संघ के चुनाव हुए तो परीक्षा एवं प्रवेश प्रक्रिया पर इसका असर पड़ सकता है। यही वजह है कि कुछ विश्वविद्यालय भी नहीं चाहते कि अभी छात्र संघ के चुनाव हों।
कर्नल कोठियाल ने छात्रसंघ आंदोलन को दिया समर्थन
आप नेता कर्नल अजय कोठियाल (सेनि) ने गढ़वाल विवि मेें छात्रसंघ गठन के लिए चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है। कोठियाल ने कहा कि विवि को छात्रों की मांग मानते हुए छात्रसंघ चुनाव करवाने चाहिए। शनिवार देर शाम यहां पहुंचे कर्नल कोठियाल का छात्र नेताओं ने स्वागत किया। उन्होंने उन्हे गढ़वाल विवि मेें चल रहे आंदोलन की जानकारी दी। छात्रों की मांग का समर्थन करते हुए कर्नल कोठियाल ने छात्रसंघ को जरूरी बताया। उन्होंने विवि से अनुरोध किया कि छात्रसंघ चुनाव बहाल किए जाएं।
छात्र संघ के चुनाव को लेकर सरकार की ओर से कोई रोक नहीं है, विश्वविद्यालय यदि चाहें तो छात्र संघ के चुनाव करा सकते हैं, मैं इस संबंध में जल्द ही बैठक करने जा रहा हूं।
- डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री