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उत्तराखंड: तहसीलदार के साथ मारपीट के मामले में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय पर आरोप तय, 26 को अगली सुनवाई
Thu, 18 Feb 2021 10:16 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 18 Feb 2021 10:16 PM IST
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कोर्ट से बाहर आते शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड के गदरपुर में पांच साल पहले तहसीलदार के साथ हुई मारपीट के मामले में बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय जिला न्यायालय में पेश हुए। कोर्ट में दोनों पक्षों को दलीलें सुनने के बाद मंत्री पर आरोप तय किए गए। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी हो होगी।
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25 अगस्त 2015 को गदरपुर में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और उनके समर्थकों पर तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल ने अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था। तहसीलदार ने मामले में मंत्री अरविंद पांडेय समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
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इस मामले की सुनवाई जिला कोर्ट में चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडे और अधिवक्ता चरनजीत सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से धारा 321 सीआरपीसी में जिला न्यायालय में वाद वापसी के लिए पत्र आया था, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था।
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बृहस्पतिवार को मंत्री अरविंद पांडेय न्यायालय में पेश हुए। कोर्ट में मंत्री समेत 12 लोगों के खिलाफ आरोप तय हुए। न्यायालय ने आरोप तय होने के बाद मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी निर्धारित की है।
मुकदमा वापस लेने का प्रार्थनापत्र हुआ था खारिज
बता दें कि इससे पहले सुनवाई में सरकार की ओर से मुकदमा वापस लेने को लेकर दिए गए प्रार्थनापत्र को जिला कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सरकार की ओर से 321 सीआरपीसी के तहत वाद वापसी का पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया था। इसके बाद जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी के माध्यम से जिला न्यायालय में वाद वापसी का प्रार्थना पत्र दिया गया था।
कोर्ट में बिताने पड़े थे छह घंटे
बता दें कि सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत से वारंट जारी होने के बाद शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय रुद्रपुर कोर्ट में पेश हुए थे। मंत्री के अधिवक्ता की ओर से जमानत के लिए लगाए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। जमानत के लिए मंत्री को कोविड-19 का टेस्ट कराने के साथ ही छह घंटे तक कोर्ट परिसर में रहना पड़ा था।