कैग रिपोर्टः 286 अपात्र लोगों बांट दिए 57 लाख, खनन में भी 237 करोड़ का नुकसान
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कैग की ओर से विभागों के परफार्मेंस आडिट में भी विभागों के स्तर पर कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। हाल यह है कि खनन में ही सरकार को 200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा।
कैग रिपोर्ट में खुलासा : उत्तराखंड के लोगों का स्वास्थ्य भगवान भरोसे
कैग ने समाज कल्याण से लेकर राज्य कर विभाग तक की निष्पादन लेखा परीक्षा को शनिवार के पटल पर रखा। इस रिपोर्ट में सामने आया कि समाज कल्याण विभाग ने कई अपात्र लोगों को ही पैसा बांट दिया। राज्य कर विभाग भी कई मामलों में वसूली नहीं कर पाया। लोक निर्माण विभाग से लेकर स्टांप रजिस्ट्रेशन विभाग भी निर्धारित मानक का पालन न करने के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा गया।
निर्माण स्थल का विस्तृत सर्वेे नहीं किया, 1.04 करोड़ का नुकसान
रुद्रप्रयाग जिले में 19.04 किलोमीटर लंबे विजयनगर तैला सड़क के निर्माण में बिना प्रशासनिक स्वीकृति के कार्य शुरू होने से करीब 1.04 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कैग ने पाया कि बिना विस्तृत सर्वे के ही पहाड़ कटान के लिए एकमुश्त मद में 3.80 करोड़ रुपये रख दिए गए।
ठेकेदार की बोली मात्र 3.25 करोड़ रुपये की थी। बाद में एकमुश्त लागत 98.80 लाख सामने आई लेकिन पहले की बोली में कोई बदलाव नहीं किया गया। कैग ने माना कि निविदा समय से और सही तरीके से की जाती तो 1.04 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय से बचा जा सकता था।
ठेकेदार से नहीं वसूले 1.39 करोड़ रुपये, जवाबदेही तय होगी
लोक निर्माण विभाग देहरादन के राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सेतु गढ़वाल क्षेत्र के मुख्य अभियंता ने सड़क सुधार कार्य में देर होने पर भी ठेकेदार से परफार्मेंस सिक्योरिटी के तहत 1.39 करोड़ रुपये वसूले ही नहीं। कैग ने कहा कि इस मामले में विभाग जवाबदेही तय करे।
41.16 लाख रुपये का अधिक भुगतान कर दिया
लोक निर्माण विभाग रुद्रपुर के एशियन डेवलपमेंट बैंक निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार की ओर से सामने रखे गए अन्य जिलों से संबंधित प्रपत्रों के आधार पर रायल्टी जारी की। इससे ठेकेदार को 41.16 लाख का अतिरिक्त भुगतान हुआ। यह भी सामने आया कि ठेकेदार 14.08 करोड़ रुपये जुर्माने के भुगतान का भी उत्तरदायी था।
ये मामले भी आए सामने
समाज कल्याण : अपात्र लोगों को दे दिए 57.20 लाख रुपये। जिला समाज कल्याण अधिकारी नेनीताल और देहरादून ने अपात्र गैर गरीबी रेखा वाले 286 लोगों को राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के तहत 57.20 लाख रुपये दे दिए।
खनन विभाग : 237.10 करोड़ रुपये का नुकसान। खनन से राजस्व पर लगातार तवज्जो दे रही है। कैग रिपोर्ट में सामने आया कि खनन विभाग ने जरूरी प्रपत्र न होन के बावजूद ठेकेदार से पांच गुना रायल्टी नहीं वसूली। इससे 237.10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन : स्टांप ड्यूटी पर 50 प्रतिशत की अनुचित छूट दिए जाने से विभाग को 22.90 लाख का नुकसान हुआ।
राज्य कर विभाग: व्यापारियों की ओर से कर जमा करने में विलंब करने पर भी विभाग ने 76.43 लाख का अर्थ दंड नहीं लगाया। इसी तरह गलत कर गणना होने के कारण विभाग को 29.62 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। 14.70 लाख रुपये का इनपुट टेक्स क्रेडिट नहीं किया गया और इस वजह से 44.10 लाख रुपये का नुकसान हुआ। राज्य कर विभाग ने रियायती प्रपत्र पर फर्म की खरीद पर 18.18 लाख रुपये का अर्थदंड नहीं लगाया।