कोटद्वार: सुखरो नदी में नहाने गए किशोर की डूबने से मौत, ग्रामीणों ने खनन का आरोप लगाकर किया हंगामा
ग्रामीणों ने नदियों में अनियंत्रित खनन कराकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए किशोर के शव को पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया।
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उत्तराखंड में कोटद्वार की सुखरो नदी में नहाते समय डूबने से नेपाली मूल के एक किशोर की मौत हो गई। शव लेने पहुंची पुलिस का विरोध करते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा काटा।
तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद तहसीलदार के समझाने पर लोग किसी तरह माने। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने शव को नदी से बाहर निकालकर कब्जे में लिया। पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर डेढ़ बजे नयागांव बलभद्रपुर निवासी प्रियांशु (15) पुत्र मोहन सिंह अपने तीन अन्य साथियों के साथ सुखरो नदी में मंडी के पास नहाने गया था। नदी में तालाब बना होने के कारण वह पानी की गहराई नहीं भांप पाया और डूब गया।
किशोर के साथ गए तीन अन्य बच्चों ने परिजनों को उसके डूबने की सूचना दी। सूचना मिलते ही लोग नदी की ओर दौड़े लेकिन नदी में गड्ढा गहरा होने के कारण वे बालक को नहीं निकाल पाए। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।
स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए
बालक के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने किसी प्रकार गहरी नदी से किशोर को बाहर निकाला। शव बाहर निकलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए।
उन्होंने प्रशासन पर नदियों में अनियंत्रित खनन कराकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए किशोर के शव को पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया। पुलिस के काफी समझाने के बाद भी लोग नहीं मानें।
इसके बाद पुलिस की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार विकास अवस्थी को लोगों के विरोध को झेलना पड़ा। तहसीलदार के काफी देर तक समझाने के बाद लोग माने ओर पुलिस को किशोर का शव सौंपा।
सुखरो नदी में बलभद्रपुर निवासी एक किशोर के डूबने की सूचना मिली है। इसकी जांच पुलिस और तहसीलदार को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
- योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार