बदरीनाथ हाईवे: लामबगड़ में तीन घंटे फंसे रहे सेना के वाहन, जवानों ने खुद हटाया मलबा

न्यजू डेस्क, अमर उजाला, चमोली Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 30 Jul 2021 08:23 PM IST

सार

शुक्रवार को चीन सीमा क्षेत्र से सेना के जवान सेना के वाहनों से जोशीमठ की ओर आ रहे थे, लेकिन लामबगड़ में हाईवे बंद होने से वाहनों के पहिए थम गए।
लामबगड़ भूस्खलन जोन
लामबगड़ भूस्खलन जोन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

चीन सीमा पर तैनात सेना के जवान बदरीनाथ हाईवे पर दुश्वारियों से जूझ रहे हैं। बार-बार भूस्खलन से हाईवे के बाधित होने से स्थानीय लोगों के साथ ही सेना के जवानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को लामबगड़ नाले में हाईवे करीब तीन घंटे तक अवरुद्ध रहा। 
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बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार सुबह नौ बजे तक लामबगड़ क्षेत्र में हुई भारी बारिश से लामबगड़ नाला उफान पर आ गया। सुबह करीब आठ बजे नाले का जलस्तर बढ़ने से हाईवे अवरुद्ध हो गया। इससे चीन सीमा क्षेत्र से जोशीमठ की ओर जा रहे सेना के वाहनों की आवाजाही भी रुक गई। सेना के करीब 60 जवानों ने नाले में पत्थरों का भरान किया। साथ ही लोनिवि (एनएच) की टीम ने  पोकलैंड मशीन की मदद से बोल्डरों को रास्ते से हटाया।

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इसके बाद सुबह करीब 11 बजे तक हाईवे सुचारु हो पाया। लोनिवि (एनएच) के सहायक अभियंता अंकित सजवाण ने बताया कि लामबगड़ नाले में बोल्डर आने से हाईवे अवरुद्ध हो गया था। उन्होंने बताया कि बीआरओ ने नाले के ट्रीटमेंट का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा भूस्खलन जोन बना नासूर

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा भूस्खलन जोन नासूर बन गया है। दस दिन से आए दिन पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिर रहे हैं। इससे घंटों यातायात अवरुद्ध हो रहा है। लोग जान हथेली पर रखकर सफर को मजबूर हैं। उधर, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भटवाड़ीसैंण में भूस्खलन जोन सक्रिय होने से हाईवे दो दिन से बंद है।
जिला मुख्यालय से लगभग 8 किमी दूर नरकोटा में बदरीनाथ हाईवे का लगभग सौ मीटर हिस्सा दिनोंदिन बदहाल हो रहा है।

पहाड़ी से आए दिन गिर रहे पत्थर व मलबे के कारण पूरा क्षेत्र अति संवेदनशील हो गया है। ग्राम प्रधान चंद्रमोहन, खांकरा के पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र ममगाईं, प्रदीप मलासी, ओंकार नौटियाल, मोहित डिमरी का कहना है कि ऑलवेदर रोड परियोजना में कार्यदायी संस्था की ओर से जिस तरह से पहाड़ियों को काटा गया है, उसी से नरकोटा में भूस्खलन जोन सक्रिय हुआ है।

हाईवे के ऊपरी तरफ वाली पहाड़ी का अधिकांश हिस्सा कमजोर हो गया है, जो धीरे-धीरे ढह रहा है। इन हालात में निरंतर खतरा बना हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड-लोनिवि श्रीनगर डिवीजन के सहायक अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि बरसात में अस्थायी व्यवस्था से ही यातायात संचालित किया जाएगा। सितंबर से यहां पर स्थायी सुरक्षा दीवार के साथ नीचे से आरसीसी पुश्ता निर्माण कर सड़क को चौड़ा किया जाएगा, जिससे भूस्खलन की स्थिति में भी यातायात कम से कम प्रभावित हो। 
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