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Badrinath Dham: बदरीनाथ धाम बनेगा स्मार्ट स्प्रिचुअल हिल टाउन, नौ विभागों के भवनों का होगा ध्वस्तीकरण
Tue, 17 Aug 2021 05:36 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 17 Aug 2021 05:36 PM IST
सार
बता दें कि आईएनआई डिजाइन कंसलटेंसी एजेंसी के माध्यम से बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान तैयार किया गया।
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बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम को स्मार्ट स्प्रिचुअल हिल टाऊन के रूप में विकसित करने के लिए नौ विभागों के भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाएगा। पहले चरण के कार्यों के लिए इन विभागों से लगभग चार हजार वर्गमीटर जमीन खाली कराई जाएगी। मंत्रिमंडल ने मास्टर प्लान के तहत पहले चरण के कार्यों के लिए सरकारी विभागों के भवन गिराने की मंजूरी दे दी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशानिर्देशों पर बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक हिल टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे आगामी 100 सालों के हिसाब से यात्रियों की क्षमता व आवश्यकता केे देखते हुए 85 हेक्टेयर भूमि पर चरणबद्ध तरीके से मास्टर प्लान के कार्य किए जाएंगे।
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आईएनआई डिजाइन कंसलटेंसी एजेंसी के माध्यम से बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान तैयार किया गया। पहले चरण में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए नौ विभागों के भवन को ध्वस्त करने की मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
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नगर पंचायत बदरीनाथ, राजस्व विभाग, पुलिस, जल संस्थान, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, गढ़वाल मंडल पर्यटन विकास निगम, पर्यटन और मंदिर समिति के चार हजार वर्गमीटर भूमि पर बने भवनों को ध्वस्त किया जाएगा।
जिसकी लागत लगभग 9.92 करोड़ आंकी गई है। इन भवनों के गिराने पर 65 लाख से अधिक खर्च आएगा। जबकि विभागों के भवनों को नए स्थान पर पुनर्निर्माण के लिए 18 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
मास्टर प्लान के पहले चरण में रीवर फ्रंट डेवलपमेंट, बद्रीश झील, शेष नेत्र झील, कमांड कंट्रोल, पर्यटन प्रबंधन सेंटर, आईएसबीटी भवन का निर्माण किया जाएगा। सार्वजनिक उपक्रमों से सीएसआर और केंद्रीय सहायता के तहत केदारनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ 245 करोड़ से होने वाले कार्यों का एमओयू हस्ताक्षर किए गए हैं।