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उत्तराखंड: 23 से 27 अगस्त तक चलेगा विधानसभा सत्र, कई विधेयक सदन में रखेगी सरकार
Fri, 06 Aug 2021 03:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 06 Aug 2021 03:43 PM IST
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उत्तराखंड विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विधानसभा का मानसून सत्र 23 से 27 अगस्त तक चलेगा। विधानसभा ने सत्र के प्रस्तावित कार्यक्रम के बारे में सभी सदस्यों को सूचित किया है। सत्र के पहले दिन में सदन पटल पर कई विधेयक रखे जाएंगे। विधानसभा प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल की ओर से सभी सदस्यों को सत्र की सूचना भेजी गई है। सत्र 23 से 27 अगस्त तक चलेगा। सत्र के पहले दिन सरकार कई विधेयकों को सदन पटल पर रखेगी। अन्य दिनों में विधायी कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
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विधानसभा सत्र के लिए अब तक पहुंचे 697 प्रश्न
आगामी 23 से 27 अगस्त तक आयोजित विधानसभा मानसून सत्र को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। अब तक विधानसभा को सदस्यों से 697 प्रश्न प्राप्त हो गए हैं। प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल ने अध्यक्ष को अवगत किया कि सदस्यों के अब तक 697 प्रश्न विधानसभा को प्राप्त हो चुके हैं। सत्र से संबंधित सभी तैयारियां को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को मिले 20 प्रतिशत भत्ता
उत्तराखंड प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा है। संघ ने पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को 20 प्रतिशत पर्वतीय भत्ता दिया जाए। कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो पर्वतीय क्षेत्रों में नहीं गए। इसके लिए प्रभावी व पारदर्शी ट्रांसफर नीति को लागू किया जाए।
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विधानसभा स्थित कक्ष में प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर उन्हें विभाग का दायित्व मिलने पर बधाई दी। इस दौरान संघ ने उन्हें मांग पत्र भी सौंपा। संघ ने मांग रखी कि प्रदेश के सभी डॉक्टर प्रभावी व पारदर्शी ट्रांसफर नीति चाहते हैं। प्रदेश में कई ऐसे डॉक्टर हैं। जो 15 से 20 सालों से पर्वतीय क्षेत्रों में ही सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, कई ऐसे डॉक्टर भी हैं, जो पर्वतीय क्षेत्रों में नहीं गए हैं।
जिला चिकित्सालय पौड़ी को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर दिए जाने के बाद एक फरवरी 2021 को 13 डॉक्टरों को कुंभ मेला हरिद्वार से संबद्ध किया गया था। तब से सभी डॉक्टर कोविड ड्यूटी में हरिद्वार में ही कार्यरत हैं। संघ ने सभी डॉक्टरों की संबद्धता निरस्त कर नई तैनाती देने की मांग की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने संघ की मांगों को ध्यान से सुना और जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष डॉ. नरेश सिंह नपल्यचाल, महासचिव डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. प्रदीप राणा, डॉ. मेघना असवाल, डॉ. आशुतोष भारद्वाज, डॉ. गरिमा बिष्ट, डॉ. पंकज कोहली, डॉ. आरवी सिंह, डॉ. एसएम शुक्ला, डॉ. अजय रौतेला आदि मौजूद थे।