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उत्तराखंड : हर जिले में बनेगा पांच हजार की क्षमता वाला आश्रय स्थल, सीएम ने दी सहमति

Tue, 11 Aug 2020 09:32 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 11 Aug 2020 09:32 PM IST
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Uttarakhand news: A shelter with a capacity of five thousand will be built in every district
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : File Photo

प्रदेेश के हर जिले में आपदा से प्रभावित लोगों को अस्थायी रूप से ठहराने के लिए आश्रय स्थल बनाने पर प्रदेश सरकार ने सहमति जताई है। इन शेल्टर होम में एक समय में तीन हजार से लेकर पांच हजार तक लोग रह सकेंगे। 

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मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत के सामने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधिमंडल ने आश्रय स्थलों के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव रखा। सीएम आवास में हुई बातचीत में प्राधिकरण के सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पांच हजार लोगों के रहने की व्यवस्था वाले सुरक्षित आश्रय स्थल बनाए जाने हैं।
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इसके लिए जमीन की जरूरत होगी। सीएम ने भूमि उपलब्ध कराने पर सहमति दी और कहा कि इसकी राज्य को जरूरत भी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मानसून के दौरान भू स्खलन आदि घटनाओं को लेकर कई लोगों को विस्थापन का दंश सहन करना पड़ता है। कई लोग अस्थाई टेंट लगाकर दिन गुजारने के लिए विवश होते हैं। 
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पटाल वाले मकानों को मिले पक्के घरों का दर्जा

प्राधिकरण के प्रतिनिधिमंडल के सामने सीएम ने पर्वतीय जिलों की एक खास समस्या का जिक्र किया। सीएम ने कहा कि पहाड़ में अधिकतर मकान पटाल की छत वाले और मिट्टी-पत्थर के बने होते हैं। आपदा में इन मकानों को नुकसान होता है तो इन्हें कच्चा मकान मानकर बहुत कम मुआवजा आपदा के तहत दिया जाता है। इन घरों को पक्का मान लिया जाए तो लोगों को पर्याप्त मुआवजा मिल पाएगा। 

पहाड़ के हिसाब से बनाएं योजनाएं

सीएम ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि आपदा प्रबंधन की अधिकतर योजनाएं मैदान के हिसाब से बनती हैं। ये योजनाएं पहाड़ के हिसाब से बननी चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं का स्वरूप मैदानी क्षेत्रों से अलग है। प्रदेश में जंगल की आग और भूस्खलन से भी काफी नुकसान होता है। इन दोनों को ही प्राकृतिक आपदाओं में शामिल किया जाना चाहिए।

आपदा मित्र के लिए प्रदेश केे मिली सराहना

प्राधिकरण ने आपदा मित्र योजना के तहत प्रदेेश में हुए काम को सराहा। बताया गया कि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में आपदा मित्र बनाए जा रहे हैं। पर्वतीय जिलों में महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों को भी राहत और बचाव का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीएम से मिलने वालों में परिषद के संयुक्त सचिव रमेश कुमार, संयुक्त सलाहकार नवल प्रकाश, राज्य आपदा प्राधिकरण के अधिकारी, प्रभारी सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन भी शामिल रहे।

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