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अमर उजाला खास: 306 करोड़ के बोझ में दबा परिवहन निगम, कर्मचारियों के तमाम भुगतान अटके
Sat, 17 Jul 2021 10:30 AM IST
अलका त्यागी
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 17 Jul 2021 10:30 AM IST
सार
परिवहन निगम अपनी स्थापना से लेकर आज तक करीब 520 करोड़ रुपये का घाटा झेल चुका है। अब निगम पर देनदारी लगातार बढ़ती जा रही है।
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रुपये(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : pixabay
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विस्तार
उत्तराखंड परिवहन निगम पर 306 करोड़ की देनदारी हो चुकी है। सरकार कोई मदद करे तो निगम की माली हालत की अटकी हुई गाड़ी आगे बढ़ सकती है। फिलहाल हालात यह हैं कि निगम अपने मुख्यालय का ही किराया नहीं दे पा रहा है।
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दरअसल, परिवहन निगम अपनी स्थापना से लेकर आज तक करीब 520 करोड़ रुपये का घाटा झेल चुका है। अब निगम पर देनदारी लगातार बढ़ती जा रही है। न केवल कर्मचारियों से जुड़ी देनदारी बल्कि निगम अपने खर्चों को भी समय से वहन नहीं कर पा रहा है।
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पिछले दिनों निगम ने जो प्रस्ताव कैबिनेट में रखा था, उस पर अभी मुख्यमंत्री को फैसला लेना है लेकिन इस प्रस्ताव में परिवहन सचिव की ओर से खोलकर पूरी जानकारी दी गई है।
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किसकी, कितनी देनदारी
विवरण - देनदारी (करोड़ में)
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी- 37.10 करोड़
नकदीकरण - 43.50 करोड़
अतिकाल (ओवरटाइम) - 11.05 करोड़
एसीपी एरियर - 9.28 करोड़
वेतन एरियर - 3.90 करोड़
राष्ट्रीय पर्व - 1.70 करोड़
चिकित्सा प्रतिपूर्ति - 2.10 करोड़
टीए बिल - 0.74 करोड़
नियमित कार्मिकों का वेतन - 49.84 करोड़
संविदा, विशेष श्रेणी/आउटसोर्स कार्मिक वेतन - 18.12 करोड़
ईपीएफ/ईएसआई - 15.76 करोड़
यूपी/अन्य राज्य कर - 18.07 करोड़
कार्यशाला (स्पेयर पार्ट्स, टायर, लुब्रीकेंट, डीजल) - 19.23 करोड़
अनुबंधित बस देयता- 31 करोड़
मुख्यालय भवन किराया, आईएसबीटी दून बस पार्किंग, प्रवेश शुल्क, आईएसबीटी के किराये पर लिए गए भवन और पार्किंग का किराया - 5 करोड़
कोर्ट, क्लेम की देयता - 9.60 करोड़
जीएसटी - 0.45 करोड़
सोसाइटी - 28.70 करोड़
पेंशन धनराशि - 1.08 करोड़
पहाड़ों में बस संचालन पहुंचा रहा घाटा
2020-21 में निगम को बस संचालन में हुआ घाटा
देहरादून पर्वतीय - 12.58 करोड़
देहरादून ग्रामीण - 11.83 करोड़
हरिद्वार - 5.86 करोड़
कोटद्वार - 7.34 करोड़
रुड़की - 6.02 करोड़
ऋषिकेश - 8.55 करोड़
श्रीनगर - 1.24 करोड़
जेएनएनयूआरएम हरिद्वार - 1.50 करोड़
जेएनएनयूआरएम देहरादून - 74 लाख
रानीखेत - 7.37 करोड़
अल्मोड़ा - 7.81 करोड़
भवाली - 7.85 करोड़
काठगोदाम - 13.34 करोड़
हल्द्वानी - 9.92 करोड़
रुद्रपुर - 8 करोड़
काशीपुर - 4.95 करोड़
रामनगर - 5.67 करोड़
लोहाघाट - 6.24 करोड़
पिथौरागढ़ - 11.16 करोड़
टनकपुर - 16.47 करोड़
कोरोना काल में बस संचालन सुचारु न हो पाने की वजह से निगम का घाटा और बढ़ गया है। अब सरकार के पास प्रस्ताव है, जो भी बजट जारी होगा, उससे आगे के काम किए जाएंगे।
- दीपक जैन, महाप्रबंधक संचालन एवं तकनीकी, परिवहन निगम