{"_id":"61cc0b1914642405fa4ee709","slug":"uttarakhand-news-25-crore-budget-released-for-kotdwar-medical-college","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: कोटद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए 25 करोड़ का बजट जारी, आकस्मिकता निधि से जारी हुआ पैसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: कोटद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए 25 करोड़ का बजट जारी, आकस्मिकता निधि से जारी हुआ पैसा
Wed, 29 Dec 2021 12:54 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 29 Dec 2021 12:54 PM IST
सार
कोटद्वार मेडिकल कॉलेज में सबसे बड़ी तकनीकी दिक्कत यह है कि केंद्र सरकार के नियमों के हिसाब से एक जिले में दो सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं हो सकते हैं। इस वजह से हरक के लगातार दबाव बनाने के बाद भी सरकार के कदम ठिठक रहे थे।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिस मेडिकल कॉलेज पर कैबिनेट बैठक में निर्णय न होने पर मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत नाराज होकर लौट गए थे, उसके लिए राज्य सरकार ने 25 करोड़ का बजट जारी कर दिया है। मंगलवार को सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने इसका आदेश जारी कर दिया।
विज्ञापन
दरअसल, कोटद्वार मेडिकल कॉलेज में सबसे बड़ी तकनीकी दिक्कत यह है कि केंद्र सरकार के नियमों के हिसाब से एक जिले में दो सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं हो सकते हैं। इस वजह से हरक के लगातार दबाव बनाने के बाद भी सरकार के कदम ठिठक रहे थे। बीते दिनों जब हरक ने अपना लहजा तल्ख किया। कैबिनेट बैठक छोड़ने के बाद 24 घंटे तक कोपभवन में रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनकी करीब छह घंटे तक वार्ता चली। वार्ता के बाद हरक मुस्कुराते हुए बाहर निकले और बताया कि सोमवार को इसका शासनादेश हो जाएगा। आखिरकार मंगलवार को सरकार ने कोटद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए आकस्मिकता निधि से 25 करोड़ का बजट जारी कर दिया। यह बजट इसी वित्तीय वर्ष के लिए जारी किया गया है। आगे के निर्माण कार्यों के लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
Harak Singh Rawat: घंटों कोपभवन में रहने के बाद मान गए हरक, कहा- बहुत नाराज था...छोटे भाई धामी पर बना रहेगा आशीर्वाद
विज्ञापन
कांग्रेस नेताओं की पार्टी, भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी : हरक
कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं के बीच कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा है कि भाजपा उनके खून में बसती है। आज उत्तराखंड को भाजपा की जरूरत है। वहीं, भाजपा से हाल ही में कांग्रेस में वापसी करने वाले नेता यशपाल आर्य ने कहा कि हरक केवल तन से भाजपा में हैं, मन उनका कांग्रेस में ही है। दोनों नेताओं के बीच यह संवाद देखने को मिला आजतक उत्तराखंड पंचायत कार्यक्रम में। कार्यक्रम में मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि मेरे सभी दलों के नेताओं के साथ मधुर संबंध हैं। सभी हमारे साथी हैं। उत्तराखंड एक छोटी सी बगिया है। जिस दिन चुनाव आएगा, उस दिन हम अपनी-अपनी बातें मंच पर करेंगे।
उन्होंने कहा कि वह विद्यार्थी परिषद से श्रीनगर बिड़ला कैंपस में नगर मंत्री रहे, जिसके बाद संगठन मंत्री बने। बरेली व मथुरा के खुले अधिवेशन में वह उत्तराखंड से सबसे ज्यादा संख्या लेकर गए थे। वह पौड़ी भाजपा जिलाध्यक्ष रहे। उस समय लोग भाजपा को बनियों की पार्टी कहते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्कूटर से काम किया, भाजपा को खड़ा किया। तीरथ सिंह रावत के गांव में सड़क नहीं थी, मैं रात को दो बजे उनके गांव पहुंचा था। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड को भाजपा की जरूरत है। वहीं, कांग्रेस नेता यशपाल आर्य ने कहा कि वह भले ही कुछ वजहों से भाजपा में चले गए थे लेकिन उनका मन कांग्रेस में ही था। अपने भाजपा कार्यकाल में उन्होंने एक बार भी कांग्रेस की आलोचना नहीं की।
उत्तराखंड आंदोलन की खातिर छोड़ दी थी भाजपा
हरक ने कहा कि उन्होंने लखनऊ में शहीद स्थल पर उत्तराखंड के लिए धरना दिया। जंतर मंतर पर 1994 में धरना शुरू किया था जो कि उत्तराखंड बनने तक जारी रहा। उस दौरान पार्टी केंद्रीय नेतृत्व ने नाराजगी जताई थी कि वह अकेला इस लड़ाई को क्यों लड़ रहे हैं। कुछ इन्हीं दिक्कतों के चलते उन्होंने भाजपा छोड़कर उत्तराखंड जनता मोर्चा बनाया था।
सीएम न बनने के सवाल पर बोले, हमारे हाथ में कर्म है
जब हरक से इतने वरिष्ठ नेता होने के बावजूद आज तक मुख्यमंत्री न बनने का सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमारे हाथ में कर्म है। हम दूसरों के लिए मेहनत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सक्रियता से यशपाल आर्य प्रदेश अध्यक्ष बने थे। कहा कि मैं अगर किसी को प्रोजेक्ट करता हूं तो ऐसा कर देता हूं कि सामने वाले को केवल हरा ही नजर आता है लेकिन बाकी लोग मेरे लिए ऐसा नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि पुष्कर धामी मेरा छोटा भाई है, जो भगत सिंह कोश्यारी के कार्यकाल में उनके ओएसडी रहने से लेकर आज तक उनके संपर्क में रहे हैं। तीरथ सिंह रावत मेरे स्टूडेंट रहे हैं। मेरे मंत्री काल में त्रिवेंद्र रावत एक मंत्री के पीआरओ थे। उन्हें छोटे भाईयों के आगे बढ़ने में खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से वह अकेले मंत्री हैं जो कि यमुना कालोनी के बंगले में पिछले 20 साल से हैं।
मेरा मकसद सीएम बनना नहीं, कांग्रेस को चुनाव जिताना है
जब उत्तराखंड में दलित सीएम का सवाल यशपाल आर्य से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी और संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें हमेशा गले लगाया है। वह खुद को कभी सीएम की रेस में नहीं मानते हैं। अगर पार्टी चाहेगी तो इसमें बुरा भी क्या है। उन्होंने कहा कि उनका केवल एक ही संकल्प है कि 2022 के चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाए। इसके अलावा कोई लालसा नहीं है।