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बड़ी शहादत से मिला उत्तराखंड, इसे हम न भूले हैं और न भावी पीढ़ी को भूलने देंगे : धामी

Sun, 03 Sep 2023 01:58 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 03 Sep 2023 01:58 AM IST
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Uttarakhand met with great martyrdom, we have not forgotten it and will not let the future generation forget it: Dhami
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अलग राज्य उत्तराखंड बड़ी शहादत से मिला है। इसे हम न भूले हैं, न भूलेंगे और न आने वाली पीढ़ी को भूलने देगें। राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है, जिसका लाभ राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिजनों को मिलेगा।
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शनिवार को मसूरी गोलीकांड की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों को शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए कोई खुशी का दिन नहीं है। इस दिन हमारे आंदोलनकारियों ने अलग राज्य के निर्माण के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
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उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का राज्य बनाने कि दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। लोगों की मांग पर शहीद स्थल पर एक शेड का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नित प्रमाणपत्र बनाने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। स्कूलों और सड़कों का नाम शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर करने पर भी काम किया जा रहा है।
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‘उस दिन का मंजर याद कर कांप उठती है रूह’
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी गोलीकांड का मंजर याद कर रुह कांप उठती है। उस समय की सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से आंदोलनकारियों को घेरकर गोलियां चलवाईं। इसमें छह राज्य आंदोलनकारी शहीद हो गए और कई घायल हुए। दो सितंबर 1994 की घटना हमेशा याद रहेगी। पुलिस की तानाशाही एवं हठधर्मिता को सबने देखा, जो उस समय की सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से करवाया।

क्षैतिज आरक्षण पर कैबिनेट की मुहर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 1700 लोगों की नौकरी पर तलवार लटकी थी, लेकिन सरकार ने क्षैतिज आरक्षण को कैबिनेट से पास कर लिया है। अब किसी की नौकरी पर संकट नहीं है। कहा, दून जिले में चिह्नित सभी 4164 राज्य आंदोलनकारियों को पहचानपत्र दिए गए हैं और सभी को परिवहन निगम की बसों में निशुल्क सफर की व्यवस्था सरकार ने की है। राज्य आंदोलनकारियों के दो बच्चों को राजकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में निशुल्क शिक्षा सुविधा की व्यवस्था की गई है। शहीद आंदोलनकारी के आश्रित को प्रतिमाह पेंशन की सुविधा दी गई है। घायल हुए 172 राज्य आंदोलनकारियों को छह हजार रुपये प्रतिमाह और 2414 सक्रिय राज्य आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। साथ ही छह घायल एवं 26 सक्रिय राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

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शहीदों के सपने पूरे करने के लिए काम कर रही सरकार : भट्ट
मसूरी गोलीकांड की 29वीं बरसी पर मसूरी पहुंचे केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि शहीदों ने जो सपने देखे थे, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार काम कर रही है। कहा कि मोदी सरकार ने उत्तराखंड के विकास के लिए हर योजना को स्वीकृति दी है, जिसे राज्य सरकार ने मांगा है।

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इन्होंने ने भी अर्पित किए श्रद्धासुमन
कार्यक्रम में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश रावत, सिद्धार्थ अग्रवाल, मोहन पेटवाल, कुशाल राणा, यूकेडी नेता त्रिवेंद्र सिंह पंवार, प्रदीप कुकरेती, विजय रमोला, धर्मपाल सिंह पंवार, सतीश चंद्र ढौंढियाल सहित अन्य लोगों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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