कुरान के साथ अब गीता भी पढ़ेंगे मदरसा के छात्र, बोर्ड ने पाठ्यक्रम में किया बदलाव
मदरसों में पढ़ने वाले छात्र अब कुरान के साथ गीता भी पढ़ेंगे। जी हां, बोर्ड ने अब छात्रों के स्लेबस में बदलाव करते हुए इसमें संस्कृत को भी शामिल करने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड के मदरसों के पाठ्यक्रम में संस्कृत को भी विषय के रूप में शामिल कर लिया गया है।
अब मदरसा छात्र दीनयात के विषयों के साथ संस्कृत भाषा के ग्रंथों के ज्ञान का भी लाभ ले सकेंगे। उन्हें कुरान पाक के साथ गीता भी पढ़ने का मौका मिलेगा। बुधवार को उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड की पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। नए पाठ्यक्रम को अगले शिक्षा सत्र से लागू किया जाएगा।
उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड की बैठक की पाठयक्रम और पाठ्यचर्या समिति की बैठक अल्पसंख्यक निदेशालय में हुई। इसमें समितियों के सदस्यों ने संस्कृत को मदरसा पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने पर स्वीकृति दे दी।
ये छात्र पढ़ेंगे संस्कृत
यह तय किया गया कि हाई स्कूल के समकक्ष मुंशी और मौलवी तथा इंटर के समकक्ष आलिम में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का संस्कृत का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अखलाक अहमद ने बताया कि मदरसा पाठ्यक्रम में संस्कृत ऐच्छिक विषय के रूप में रहेगा। पाठ्यक्रम समिति की बैठक में तय किया कि मदरसा पाठ्यक्रम के आधुनिक विषय हिंदी, गणित, विज्ञान, कंप्यूटर, सामाजिक विज्ञान आदि विषयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
इसमें एक विषय आयुष (तिब) भी है जिसमें चिकित्सा के संबंध में पढ़ाया जाता है। मदरसा पाठ्यक्रम में दीनयात से संबंधित विषय उसी तरह रहेंगे। इनमें कोई फेर-बदल नहीं किया गया है।