फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Lok Sabha Result 2024 Pauri garhwal Seat Attempts to corner BJP candidate Anil Baluni fail

Uttarakhand Lok Sabha Result: बलूनी पहाड़ों कू रैबासी... वोटरों ने लगाई मुहर, दिल्लीवासी का मुद्दा हुआ फेल

Wed, 05 Jun 2024 04:07 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 05 Jun 2024 04:07 AM IST
सार

गढ़वाल संसदीय सीट पर दिल्लीवासी का मुद्दा पूरी तरह से फेल हो गया। चुनाव में मोदी मैजिक चला। डबल इंजन के काम जीत का आधार बने।

विज्ञापन
Uttarakhand Lok Sabha Result 2024 Pauri garhwal Seat Attempts to corner BJP candidate Anil Baluni fail
अनिल बलूनी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैं पहाड़ों कू रैबासी, तू दिल्ली रैण वाली गीत से भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी को घेरने की कोशिशें नाकाम हो गईं। गढ़वाल संसदीय सीट के मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान करके साफ कर दिया कि बलूनी भी उतने ही पहाड़ों के रैबासी हैं।

विज्ञापन

 

चुनाव में कांग्रेस ने बलूनी के दिल्ली की राजनीति तक सीमित रहने को मुद्दा बनाया, जबकि राज्यसभा सांसद के तौर पर बलूनी राज्य के सरोकारों को लेकर हमेशा सक्रिय रहे। इसी वजह से वह चुनाव में उतरने के पहले दिन से ही अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने चुनावी जंग में जिस बुलंद अंदाज में आगाज किया, हर किसी की निगाहें उनकी तरफ दौड़ पड़ीं।

विज्ञापन

 

चुनाव से पहले पस्त नजर आ रही कांग्रेस भी गढ़वाल और गोदियाल की ओर उम्मीद से देखने लगी। अनायास गढ़वाल का चुनावी समर चर्चाओं में आ गया। एक बार के लिए भाजपा और उसके क्षत्रप तक का आत्मविश्वास इस संसदीय सीट पर डगमगाता नजर आया। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए कांग्रेस ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। कभी अवैध शराब तो कभी रैबासी के मुद्दे पर उसने भाजपा प्रत्याशी को घेरने की कोशिश कीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

प्रचार युद्ध में था एक गीत
प्रचार युद्ध में एक गीत मैं पहाड़ों कू रैबासी तू दिल्ली रैण वाली तीर की तरह कांग्रेस के तरकश से बाहर निकला। कांग्रेस ने जनता के बीच यह जताने की कोशिश की कि बलूनी दिल्ली में रहते हैं और चुनाव लड़ने के लिए गढ़वाल आए हैं, लेकिन कांग्रेस अपने इसी दांव में फंसती दिखी, जब भाजपा ने दस्तावेजों के साथ यह साबित करती दिखी कि गणेश गोदियाल भी मुंबई के ही रैबासी हैं और राजनीति के लिए गढ़वाल में हैं। लेकिन, गढ़वाल के मतदाताओं ने बलूनी को चुनाव जिताकर साबित कर दिया कि बलूनी भी उतने ही पहाड़ी हैं जितने गणेश गोदियाल।



गढ़वाल सीट पर बलूनी की जीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू एक फिर चला। गढ़वाल संसदीय सीट पर बदरीनाथ और केदारनाथ पुनर्निमाण परियोजना, चारधाम ऑलवेदर, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अलावा डबल इंजन की सरकार की कल्याणकारी और लाभकारी योजनाओं के प्रचार से भाजपा ने अपने पक्ष में माहौल बनाया और जीत का पटकथा लिखी।गढ़वाल सीट से पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का टिकट काटकर नए चेहरे बलूनी को उतार कर भाजपा ने कांग्रेस से प्रत्याशी के खिलाफ बने सत्तारोधी रुझान के मुद्दे को पहले ही छीन लिया था।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed