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Uttarakhand Lockdown : उत्तराखंड लौटे 60 हजार प्रवासियों के लिए मांगा स्पेशल पैकेज
Thu, 30 Apr 2020 03:29 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 30 Apr 2020 03:29 PM IST
सार
- कहा, मनरेगा में अधिकतम 200 दिन दिया जाए काम
- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए सुझाव
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प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
लॉकडाउन के बाद प्रदेश में वापस लौटे 60 हजार प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश को स्पेशल पैकेज दिया जाए। इसके साथ ही मनरेगा में 150 से 200 दिन का काम मिले। यह मांग केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने की।
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उन्होंने कहा कि कोविड-19 और लॉकडाउन के चलते स्थानीय लोगों की जीविका में मनरेगा अहम भूमिका निभा सकती है। इसलिए उसके अधिकतम कार्यदिवस को 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन किया जाए। कृषि मंत्री ने पहाड़ की बिखरी व छोटी जोत और कोरोना संकट के मद्देनजर पर्वतीय राज्यों को व्यक्तिगत कार्य के तहत सब्जी उत्पादन कृषि कार्य को भी मनरेगा में शामिल करने का सुझाव दिया।
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उन्होंने कहा कि रिवर्स माइग्रेंट्स के स्वरोजगार के लिए रिलीफ पैकेज या नई योजना बनाई जा सकती है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से 670 न्याय पंचायतों में ग्रामीण हाट/बाजार की स्थापना को मंजूरी देने का भी अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि महामारी के कारण देश में हर प्रकार की आर्थिक गतिविधियां बंद हैं।
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केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां शुरू हो सकती है। बैठक में प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास मनीषा पंवार एवं अपर सचिव ग्राम्य विकास एवं कृषि उद्यान राम विलास यादव भी उपस्थित रहे।