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Uttarakhand Lockdown : प्रदेश का लगभग पांच सौ करोड़ का व्यापार प्रभावित
Sat, 02 May 2020 03:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 02 May 2020 03:49 PM IST
सार
- होटल, कपड़ा, रेस्टोरेंट व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित, सब्जी, राशन के अलावा हर व्यापार है ठप
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण प्रदेश की सभी व्यावसायिक और व्यापारिक गतिविधियां ठप हैं। अनुमान के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से उत्तराखंड में पांच सौ करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ है। इसमें सबसे अधिक नुकसान होटल, रेस्टोरेंट, कपड़ा, ऑटोमोबाइल क्षेत्र को हुआ है। जानकारों के अनुसार इस घाटे से उबरने में पूरा साल लग सकता है।
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लॉकडाउन ने देश के साथ ही उत्तराखंड के व्यापार को बड़ी चोट पहुंचाई है। सब्जी, दूध और राशन के अलावा तकरीबन हर प्रकार का व्यवसाय ठप है। कारोबारियों और व्यापारियों के अनुसार लॉकडाउन के दौरान नवरात्र, महावीर जयंती, हनुमान जयंती, शब-ए बरात आदि त्यौहार निकल गए। इन त्यौहारों में बड़ी तादात में खरीदारी होती थी। नवरात्र में ऑटोमोबाइल सेक्टर में बूम रहता था, लेकिन इस बार कार, बाइक, स्कूटी की खरीदारी नहीं हो पाई।
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वर्तमान में स्कूलों में अवकाश रहते थे। इसलिए मसूरी, हरिद्वार, गढ़वाल में काफी संख्या में पर्यटक आते थे। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, लॉज के साथ ही कपड़ों का व्यवसाय भी खूब होता था। शादियां भी अप्रैल और मई में होने से होटल, ज्वैलर्स, टैक्सी, बस आदि व्यवसाय से जुड़े लोगों को काफी फायदा होता था। लॉकडाउन की वजह से यह सारी गतिविधियां ठप हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में व्यापारियों, कारोबारियों को कर्मचारियों, कारीगरों व श्रमिकों को वेतन देना पड़ रहा है।
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वहीं बैंक व्यावसायिक लोन की किस्तें चुकाने के लिए शिकंजा कस रहा है। इससे दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
जीएसटी, इनकम टैक्स में छूट की मांग
लॉकडाउन के कारण ठप पड़े व्यवसाय के कारण व्यापारियों और व्यवसायियों ने अब जीएसटी और इनकम टैक्स में छूट देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ऐसे व्यवसायी जिन पर बैंकों का लोन है, उसमें भी राहत देने की मांग की है। जिससे व्यापारियों की परेशानी कम हो सके।
लॉकडाउन के कारण राशन, फल, सब्जी के अलावा पूरा व्यवसाय ठप पड़ा हुआ है। अप्रैल मई में कई शादियां थीं, जो स्थगित हो चुकी हैं। इसके अलावा इस दौरान कई त्योहार भी आए। इन त्योहारों में बाजारों में रौनक रहती थी, लेकिन सब कुछ ठप पड़ा हुआ है। इस दौरान करीब पांच सौ करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। आगे और भी नुकसान की संभावना है।
-एनपी दीवान, अध्यक्ष, दून उद्योग व्यापार मंडल