Uttarakhand Lockdown: उत्तराखंड में बढ़ा संक्रमण का खतरा, आने वाले 15 दिन चुनौती भरे, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
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कोरोना वायरस को स्थानीय स्तर (लोकल ट्रांसमिशन) पर फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती है। क्योंकि तब्लीगी जमात से लौटे जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
संक्रमण से बचाव व रोकथाम के कार्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग और अलर्ट हो गया है। कोरोना वायरस को लेकर आने वाले 15 दिन उत्तराखंड के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात व अन्य राज्यों की जमात में शामिल होने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण पॉजिटिव के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग का ऐसे लोगों की पहचान करने पर फोकस है।
प्रदेश में अब तक पुलिस और जिला प्रशासन ने 292 जमातियों को क्वारंटीन किया है। वहीं, पहले से प्रदेश में सात संक्रमित मरीजों के संपर्क में 1150 लोग आए हैं। प्रदेश में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
दो-तीन दिनों में पांच संक्रमित मरीजों को भेजा जा सकता है घर
देहरादून, कोटद्वार व हल्द्वानी में कोरोना संक्रमित मामले आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें और बढ़ गईं है। कोरोना संक्रमित मरीज से वायरस स्थानीय स्तर पर न फैले इस पर सरकार और विभाग का फोकस है।
देहरादून और कोटद्वार अस्पताल के आईसोलेशन में भर्ती पांच संक्रमित मरीजों को दो-तीन दिनों में अस्पताल से घर भेजा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पांच संक्रमित मरीज स्वस्थ हैं। दूसरी बार मेडिकल जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें घर भेजा जाएगा।
कोरोना संक्रमण स्थानीय स्तर पर न फैलें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान जिलाधिकारियों के माध्यम से की जा रही है। सभी चिन्हित लोगों को क्वारंटीन में रखा जाएगा।
- डॉ. पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य