फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand leaders are captured many government house

उत्तराखंड में नेता कब्जाए हैं कई सरकारी आवास

Sun, 05 Jan 2014 10:24 AM IST
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 05 Jan 2014 10:24 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand leaders are captured many government house

दिल्ली में भले ही अरविंद केजरीवाल ने सरकारी घर छोड़ दिया हो लेकिन उत्तराखंड में ऐसी कोई गुंजाइश नहीं है।

विज्ञापन


पढ़ें, 31 साल बाद बन रहा ऐसा योग, जानिए क्या है खास

राज्य की संपत्ति जितना बेजा इस्तेमाल उत्तराखंड में हो रहा है उतना शायद ही दूसरे किसी राज्य में है। हालात इतने खराब है कि पात्र अपात्र की बात ही नहीं, जिसकी लाठी उसी की भैंस वाला हिसाब किताब माननीय राज्य की राजधानी देहरादून में कर रहे हैं।
विज्ञापन


बंगला मिलने के बावजूद नहीं छोड़ा विधायक हॉस्टल
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट काफी दिन तक मंत्री हरक सिंह रावत को गरियाते रहे लेकिन अब बड़ा बंगला मिलने के बावजूद विधायक हॉस्टल से दो कमरों वाला आवास नहीं छोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, डीजे बजाया तो उलेमा ने जारी किया फतवा

मंत्री हरक सिंह ने निशंक को खूब खरी खरी सुनाई लेकिन अपने आवास के सामने चार कमरों वाले एक सरकारी बंगले को कैंप कार्यालय बना लिया है। यह कैंप कार्यालय कभी सीएम रहते हुए निशंक के पास था लेकिन अब हरक के पास है।

महेंद्र सिंह माहरा पिछला विधानसभा चुनाव हारे और बाद में केंद्रीय मंत्री हरीश रावत के सपोर्ट से राज्यसभा पहुंचे। माहरा को दिल्ली में सांसद की कोठी मिली है लेकिन विधायक हॉस्टल में अभी भी आवास संख्या 60 पर कब्जा है।

जबकि यह आवास भाजपा विधायक पूरण सिंह फर्त्याल को आवंटित है। लेकिन घर खाली नहीं होने से फर्त्याल दो साल से अस्थाई तौर पर हॉस्टल के ही गेस्ट हाउस में इस प्रत्याशा में रह रहे है कि एक दिन उन्हें आवंटित घर जल्द खाली होगा।

पढ़ें, उत्तराखंड के इस गांव में आपदा ने डाला डेरा

कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन के लिए विधायक हॉस्टल में एक घर आवंटित है। वन निगम के चेयरमैन बने तो कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलते ही सुभाष रोड वाली वह कोठी अलॉट हो गई जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी रहते थे।


अब कुंवर प्रणव से मंत्री का दर्जा भी नहीं रहा लेकिन कोठी भी बरकरार है। भाजपा विधायक पुष्कर सिंह धामी को दायित्वधारी रहते हुए भाजपा सरकार में टाइप-4 का एक बड़ा मकान यमुना कालोनी में आवंटित हुआ था।

लेकिन वह आज भी उस पर काबिज है और विधायक हॉस्टल में भी विधायक होने के नाते घर लिए हुए हैं। पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक दो दर्जन भर कमरों वाली एनेक्सी के साथ ही यमुना कॉलोनी में दूसरी कोठी भी रखे हुए हैं। राजेंद्र भंडारी बीसूका के उपाध्यक्ष है तो मंत्री वाले बंगले में रहते है।

अपवाद भी है पहले भी रहे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने जरूर नैतिकता बरती, उन्होंने मुख्य विपक्षी दल का अध्यक्ष होने के बावजूद मंत्री स्तर का बंगला सरकार से नहीं लिया। अभी भी विधायक हॉस्टल में रहते हैं। जबकि वह मंत्री की कोठी के लिए पात्र है।

पढ़ें, राजधानी देहरादून में आप को मिला गया 'शिकार'

पिछली सरकार में पांच साल मंत्री रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मंत्री की कोठी नहीं ली थी। वह डिफेंस कॉलोनी में अपने घर में ही रहे। हॉस्टल में विधायक वाला घर जरुर लिया लेकिन मंत्री की कोठी नहीं ली।

वहीं किशोर उपाध्याय मंत्री पद से हटने के बावजूद मंत्री की कोठी कब्जाए रहे। भाजपा सरकार को किशोर को जबरन बाहर करना पड़ा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed