उत्तराखंड: रुद्रपुर में बनेगा कुमाऊं का पहला आर्थिक अपराध अनुसंधान थाना
- एसटीएफ की ओर से पुलिस मुख्यालय को भेजा गया प्रस्ताव
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कुमाऊं के पहले आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) थाने के जल्द बनने की उम्मीद जगी है। एसटीएफ की ओर से रुद्रपुर में थाना बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द जमीन हड़पने और बेनामी संपत्ति के मामलों की जांच देहरादून या अन्य राज्यों में नहीं भेजनी पड़ेगी।
सरकारी या निजी संपत्ति का दुरुपयोग आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में आर्थिक अपराध की श्रेणी के हिसाब से केस दर्ज किया जाता है। दूसरे अपराधों की तरह आर्थिक अपराध की जांच भी कई एजेंसियां करती हैं। एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी या हेराफेरी के मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा करती है। यह किसी भी बड़े आर्थिक अपराध में अपने आप केस दर्ज कर सकती है।
कुमाऊं में इस तरह के अपराध होने पर यहां की पुलिस देहरादून में गठित आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को जांच ट्रांसफर करती है। कुमाऊं में आर्थिक अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए यहां थाना खोलने की तैयारी लंबे समय से चल रही थी। एसटीएफ की ओर से रुद्रपुर में इसका थाना खोलने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद इसे हरी झंडी मिल जाएगी।
1002 करोड़ की जीएसटी चोरी की जांच नहीं हुई ट्रांसफर
उत्तराखंड में 1002 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़े जाने के बाद 74 फर्मों पर केस दर्ज किए गए थे। रुद्रपुर में 40 फर्मों पर 473 करोड़ और काशीपुर में 34 फर्मों पर 529 करोड़ की जीएसटी चोरी करने का खुलासा हुआ था। जिला पुलिस की ओर से केसों को आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर करने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा था लेकिन अभी तक यह जांचें ट्रांसफर नहीं हो पाई हैं।
कुमाऊं और गढ़वाल दोनों जगहों पर आर्थिक अपराध के केसों में वृद्धि हो रही है। बढ़ते अपराध देखते हुए रुद्रपुर में ईओडब्ल्यू थाना खोलने का प्रस्ताव बनाकर पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है। जल्द इस पर मुहर लगने की संभावना है।
-स्वतंत्र कुमार, एसपी एसटीएफ