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उत्तराखंड : परियोजनाओं में एक साथ काम कर सकते हैं सिंचाई व जल विद्युत निगम

Wed, 13 May 2020 12:28 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 13 May 2020 12:28 PM IST
सार

  • कर्मचारियों का दावा, सिंचाई मंत्री सहमत, सीएस की बैठक में होगा अंतिम फैसला
  • त्यूनी प्लासू और आराकोट जल विद्युत परियोजनाओं के काम का मामला

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Uttarakhand: Irrigation and Hydropower Corporation can work together in projects
जल विद्युत परियोजना - फोटो : File Photo

विस्तार

त्यूनी प्लासू और आराकोट जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में अब सिंचाई विभाग को भी काम मिल सकता है। जल विद्युत निगम के साथ ही सिंचाई विभाग के इंजीनियरों से भी काम लिए जाने पर सहमति बनी है। हालांकि, अंतिम निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में ही लिया जाएगा।

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न्यूनी प्लासू और आराकोट परियोजनाओं का निर्माण जल विद्युत निगम से कराने का फैसला हाल ही में प्रदेश सरकार ने किया था। इन योजनाओं की डीपीआर सिंचाई विभाग ही तैयार कर रहा है। कैबिनेट के इस फैसले का सिंचाई कर्मियों ने विरोध कर कोर्ट जाने की चेतावनी दी थी।
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मंगलवार को सिंचाई कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश रमोला, महामंत्री पूर्णानंद नौटियाल सहित अन्य पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज के सामने यह मुद्दा उठाया। खुद महाराज दो बार इस मामले को लेकर सीएम के साथ बैठक कर चुके हैं।
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पदाधिकारियों ने कहा कि दोनों परियोजनाओं में सिंचाई विभाग के इंजीनियरों को 80 प्रतिशत सिविल वर्क करने दिया जाए। उनके मुताबिक महाराज ने इस सुझाव पर सहमति जताई है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने सचिव ऊर्जा राधिका झा से भी बात की। बताया कि सचिव ने भी संयुक्त रूप से काम करने के लिए सहमति जाहिर की।

प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक सचिव ने स्पष्ट किया कि इस मामले में मुख्य सचिव उत्पल कुमार की अध्यक्षता में बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में सिंचाई के साथ ही ऊर्जा निगम के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

...तो दायर करेंगे जनहित याचिका

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश रमोला ने कहा कि मंत्री और सचिव से हुई बातचीत कुछ हद तक संतोषजनक रही और उम्मीद की जा सकती है कि संयुक्त रूप से काम करने का सुुझाव मान लिया जाएगा। यह सुझाव नहीं माना गया तो महासंघ जन हित याचिका दायर करेगा। पीआईएल की पहले से तैयारी की जा रही है।


सिंचाई विभाग में जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए कुशल इंजीनियरों की खासी संख्या है। जल विद्युत निर्माण निगम उनके अनुभव का उपयोग कर सकते हैं। कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल मुझे इस मामले में मिला था। उन्हें उर्जा सचिव राधिका झा से मिलने को कहा गया है।
- सतपाल महाराज, सिंचाई मंत्री

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