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उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की हड़ताल को गैरकानूनी और मान्यता रद्द करने के दिए निर्देश
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Fri, 31 Aug 2018 09:44 AM IST
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हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से कहा है कि वह कर्मचारियों की हड़ताल को गैर कानूनी घोषित करे और हड़ताल कर रहे कर्मचारी संगठनों की मान्यता रद्द कर संगठनों पर जुर्माना लगाए।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश मनोज तिवारी की खंडपीठ ने कहा कि हड़ताली कर्मचारी वेतन के हकदार नहीं हैं।
इन पर काम नहीं तो वेतन नहीं का नियम लागू किया जाए और इनकी सर्विस ब्रेक की जाए। खंडपीठ ने कहा कि संगठनों की जायज मांगों को भी पूरा किया जाना चाहिए। कोर्ट ने इसके लिए सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का आदेश सरकार को दिए। कोर्ट ने कहा कि इस कमेटी में संबंधित विभागों के मुखिया और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। इस कमेटी का गठन आठ हफ्ते में किया जाए और कमेटी की बैठक हर तीन माह में एक बार आवश्यक रूप से की जाए।
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कोर्ट ने कहा कि प्रदेश में डाक्टर , पैरा मेडिकल तक हड़ताल पर जा रहे हैं जबकि इन पर हजारों जीवन को बचाने की जिम्मेदारी होती है। कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों के हड़ताल पर जाने से प्रदेश का शैक्षणिक माहौल भी खराब हो गया है। बुधवार को कोर्ट ने हड़ताली आउटसोर्स कर्मियों पर एस्मा लगाने को सरकार से कहा था।
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