कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक, हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश
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हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के विभिन्न विषयों में 837 रिक्त पदों पर की जा रही भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। वहीं लोक सेवा आयोग को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ ने देहरादून निवासी रश्मि नौटियाल व अन्य की याचिका पर यह आदेश जारी किया। याची का कहना था कि महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के विभिन्न विषयों में 837 रिक्त पदों पर लोक सेवा आयोग ने 17 अप्रैल 2017 को भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे।
आयोग ने यूजीसी के मानकों की अनदेखी करते हुए साक्षात्कार के आधार पर नियुक्तियां कीं। यूजीसी के नियमों के अनुसार लिखित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग के बाद 100 अंकों की जो मेरिट बनेगी उसमें साक्षात्कार का अधिमान केवल 20 प्रतिशत होगा।
शैक्षिक योग्यता, शैक्षणिक अनुभव, शोध पत्र और एपीआई के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। आयोग ने मात्र साक्षात्कार के आधार पर ही चयन किया। आयोग ने लंबे समय से संविदा पर अध्यापन कर रहे शिक्षकों को उनके सेवाकाल का भी लाभ नहीं दिया।