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उत्तराखंड-यूपी परिसंपत्ति बंटवारे को लेकर हाईकोर्ट ने दिए नौ जनवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश
Sat, 04 Jan 2020 10:12 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 04 Jan 2020 10:12 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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नैनीताल हाईकोर्ट ने रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। इस दौरान केंद्र सरकार के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 13 दिसंबर 2019 को दोनों सरकारों को केंद्र सरकार के आदेशानुसार परिसंपतियों के बंटवारे को लेकर यथास्थिति व स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी थी लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया है। अदालत ने केंद्र सरकार को 9 जनवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हड़ताल करने पर सरकार उनके खिलाफ एस्मा लगाने जा रही है, जो नियम विरुद्ध है। सरकार व परिवहन निगम न तो उनको नियमित कर रहे और न उनको नियमित वेतन दिया जा रहा है।
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रिटायर कर्मचारियों को देयकों का भुगतान ही नहीं किया गया है। सरकार को निगम को 69 करोड़ रुपया बकाया देना है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम पर भी उत्तराखंड परिवहन निगम का सात सौ करोड़ रुपये बकाया है। यदि सरकार और निगम इनको वसूले तो यूनियन और निगम की सारी समस्या इस धनराशि से ही सुलझ जाएगी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को नौ जनवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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