उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, लॉकडाउन में अमनमणि को कैसे जारी किया पास
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि लॉकडाउन के दौरान यूपी के नौतनवा से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी और साथियों को बदरी-केदारनाथ जाने के लिए पास किन परिस्थितियों में जारी किया, जबकि केंद्र ने लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
खंडपीठ ने दून, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी के जिलाधिकारियों, यूपी के विधायक अमनमणि, उनके साथी जय प्रकाश, माया शंकर, मनीष कुमार, संजय कुमार, रितेश यादव, ओम प्रकाश यादव, अजय यादव, श्रीप्रकाश पासवान एवं विनय कुमार आदि को नोटिस जारी कर सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए
देहरादून निवासी उमेश शर्मा ने हाईकोर्ट में इस मामले में जनहित याचिका दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि शासन में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से अमनमणि सहित अन्य 10 लोगों को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता के पितृ कर्म के लिए बदरीनाथ और केदारनाथ जाने को विशेष पास जारी करने की सिफारिश की गई थी।
रुद्रप्रयाग पुलिस ने अमनमणि व उनके साथियों को पकड़ लिया था। डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का उल्लंघन किया गया है। पूरे मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए। मामले में डीजीपी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, सीबीआई और अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश को पक्षकार बनाया गया है।