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THDC के हर प्रोजेक्ट से उत्तराखंड लेगा 25% बिजली, जाएगा कोर्ट

Tue, 26 Jul 2016 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 26 Jul 2016 02:21 AM IST
सार

  • विदेशी प्रोजेक्टों पर भी उत्तराखंड जताएगा अपना दावा  
  • सुप्रीम कोर्ट में मामले को दोबारा उठाएगी राज्य सरकार

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uttarakhand government will take 25 percent electricity from THDC.
फाइल फोटो- टिहरी बांध - फोटो : PTI

विस्तार

टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) के टिहरी डैम समेत देश-विदेश के हर प्रोजेक्ट से 25 प्रतिशत बिजली पर उत्तराखंड अपना दावा जताएगा। राज्य सरकार मामले को दोबारा सुप्रीम कोर्ट में उठाने जा रही है।

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उधर, अलकनंदा हाइड्रो प्रोजेक्ट से उत्तराखंड के हिस्से की 12 प्रतिशत बिजली अब सीधे राज्य को मिलनी शुरू हो गई है। अभी तक पूरी बिजली यूपी की ट्रांसमिशन लाइन से मुजफ्फरनगर ग्रिड को जा रही थी।
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सोमवार को पिटकुल मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार के सुझाव पर सीएम हरीश रावत ने कहा कि अलग राज्य निर्माण के दिन 9 नवंबर 2000 को टीएचडीसी का रजिस्टर्ड हेडक्वार्टर ऋषिकेश में था।

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टीएचडीसी के हर प्रोजेक्ट में उत्तराखंड का हिस्सा, यह है नियम

uttarakhand government will take 25 percent electricity from THDC.
बिजली

पुनर्गठन एक्ट के अनुसार, 9 नवंबर 2000 के दिन जो प्रापर्टी जहां थी, उस पर उसी राज्य का हक होगा। ऐसे में टीएचडीसी से पूर्व में निर्धारित बिजली का हिस्सा उत्तराखंड को मिलना था। लेकिन राज्य को रायल्टी के रूप में सिर्फ 12 प्रतिशत बिजली मिल रही है और 25 फीसदी हिस्सा अब भी यूपी को जा रहा है।

पूर्व मुख्य सचिव ने बताया कि इसके खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट भी गई थी। तब पता लगा कि नियमानुसार टिहरी डैम ही नहीं, देश-विदेश में जहां भी टीएचडीसी कोई प्रोजेक्ट बनाएगा, इसका 25 फीसदी शेयर उत्तराखंड को मिलना चाहिए।

यूपी से नोटिस का जवाब न मिलने पर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एकतरफा फैसला सुनाने की चेतावनी दी थी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में तीन सदस्यीय बेंच गठित होनी थी। बाद में उत्तराखंड की सरकारों द्वारा संज्ञान न लेने से यह मामला लंबित है। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष यह मुद्दा उठाएंगे।

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