फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand government will go supreme court for stop encroachment campaign

अतिक्रमण हटाने की समय सीमा बढ़वाने को सुप्रीम कोर्ट जाएगी उत्तराखंड सरकार 

Sat, 14 Jul 2018 10:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 14 Jul 2018 10:53 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand government will go supreme court for stop encroachment campaign
encroachment

देहरादून में सोमवार से अतिक्रमण विरोधी अभियान फिलहाल थम सकता है। विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल से शुक्रवार को मुलाकात के बाद सरकार का रुख इस मामले में बदला है। अतिक्रमण के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश की समयसीमा बढ़वाने के लिए सरकार सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगी। इस संबंध में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महाधिवक्ता बाबुलकर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के निर्देश दिए। बता दें कि हाईकोर्ट ने 18 जून को चार सप्ताह के भीतर दून की सड़कों को अतिक्रमणमुक्त करने के निर्देश मुख्य सचिव को दिए थे।  

विज्ञापन


शुक्रवार को उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, मसूरी विधायक गणेश जोशी, रायपुर विधायक उमेश शर्मा, राजपुर विधायक खजानदास, कैंट विधायक हरबंस कपूर आदि ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रदेश में भारी बारिश के चलते हो रही समस्याओं से अवगत कराया। बताया कि अधिकारी और कर्मचारी आपदा प्रभावित कार्यों में व्यस्त हैं। वहीं, बारिश के चलते अतिक्रमण हटाओ अभियान में आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए दी गई चार सप्ताह की समयसीमा बढ़ाई जानी चाहिए। जिस पर मुख्यमंत्री ने माना कि वर्तमान में सरकार व प्रशासन की प्राथमिकता आपदा जैसी स्थिति में नागरिकों को राहत पहुंचाना है। उन्होंने महाधिवक्ता बाबुलकर को निर्देेशित किया कि वह सोमवार को ही राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सारी वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। साथ ही प्रदेश में अतिक्रमण हटाने की समय सीमा को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया जाए। इस दौरान विधायक पूरन फर्तयाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, सुनील गामा आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन


18 जून को यह था हाईकोर्ट का फैसला 
हाईकोर्ट ने दून निवासी मनमोहन लखेड़ा के वर्ष 2013 में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा था। जिसे जनहित याचिका के रूप में लेते हुए हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। खंडपीठ ने मुख्य सचिव को चार सप्ताह में देहरादून की सड़कों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा, जिनके कार्यकाल के दौरान अतिक्रमण हुआ है। कोर्ट ने आदेश में कहा था कि यदि तय समय में अतिक्रमण नहीं हटता है तो इसके लिए मुख्य सचिव व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। साथ ही तीन महीने में रिस्पना नदी के किनारे से अतिक्रमण हटाकर नदी को पुनर्जीवित करने को कहा था। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के लिए पूरी ताकत झोंकने और जरूरत पड़ने पर धारा 144 लगाने को कहा। इसके अलावा सरकार, एमडीडीए और नगर निगम को निर्देश दिए कि वो तीन सप्ताह के भीतर ऐसे मॉल, शोरूमों को सील करें, जिनके बेसमेंट पार्किंग के स्वीकृत हैं, लेकिन जगह का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। वहीं, आवासीय भवनों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान मिलने पर उन्हें भी सील करने के आदेश दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed