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उत्तराखंडः परीक्षा शुरू होने के 27 दिन पहले मिली सरकारी स्कूलों को बच्चों की किताबों के लिए धनराशि 

Wed, 24 Mar 2021 12:55 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 24 Mar 2021 12:55 PM IST
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uttarakhand government school children received funds for books before 27 days of exam
19 अप्रैल से बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं हैं - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छठीं से आठवीं तक के बच्चों की 19 अप्रैल से वार्षिक परीक्षाएं हैं। विभाग की ओर से परीक्षा कार्यक्रम घोषित करने के बाद देहरादून जिले में अब स्कूलों को बच्चों की पाठ्य पुस्तकों के लिए धनराशि मिली है। हालांकि अन्य जिलों में एक से डेढ़ महीने पहले बच्चों के खातों में यह धनराशि पहुंच चुकी है।

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जबकि नियमानुसार नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही  बच्चों को पाठ्य पुस्तकें या फिर इसके लिए धनराशि मिल जानी चाहिए।  लेकिन सिस्टम ऐसा बना दिया गया है कि शायद ही किसी शिक्षा सत्र में बच्चों को समय पर किताबें या फिर इसके लिए धनराशि मिली हो।
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प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर छात्रों को 250 रुपये एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर 400 रुपये की धनराशि पाठ्य पुस्तकों के लिए  दी जाती है। अधिकतर जिलों में इसी साल फरवरी महीने में बच्चों के खातों में पाठ्य पुस्तकों के लिए यह धनराशि पहुंच की है,लेकिन देहरादून जिले में अब स्कूलों के खातों में यह धनराशि पहुंची है।
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इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के मुताबिक 15 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र प्रस्तावित है, लेकिन पुराने शिक्षा सत्र 2020-21 की पाठ्य पुस्तकों की धनराशि अब स्कूलों के खातों में पहुंची है। ऐसे में नए शिक्षा सत्र की पुस्तकें बच्चों को कब मिलेगी इससे अंदाजा लगाया जा सकता है।

पुस्तकों के लिए जारी किए गए थे 1625 लाख 

अपर निदेशक बेसिक शिक्षा वीरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक पूर्व में छात्रों को पाठ्य पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराने के संबंध में आदेश जारी हुआ था। जबकि बाद में निर्णय लिया गया कि छात्रों को पाठ्य पुस्तकों के बजाए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से धनराशि दी जाए।

अपर निदेशक के मुताबिक जिलों को इसके लिए काफी समय पहले धनराशि भेज दी गई थी। इसके बाद भी बच्चों के खातों में धनराशि दिए जाने में देरी हुई है। 

इसी साल फरवरी महीने में 1625 लाख से अधिक की धनराशि जिलों को भेज दी गई है। जिसमें अल्मोड़ा को 112 लाख, बागेश्वर को 57 लाख, चमोली को 79 लाख, चंपावत को 53 लाख, देहरादून को 180 लाख, हरिद्वार को 294 लाख, नैनीताल को 144 लाख, पौड़ी को 106 लाख, पिथौरागढ़ को 83 लाख, रुद्रप्रयाग को 52 लाख, टिहरी को 119 लाख, यूएस नगर को 272 लाख एवं उत्तरकाशी को 70 लाख से अधिक की धनराशि जारी की गई थी।  लेकिन लचर सिस्टम के चलते कुछ जिलों में अब भी बच्चों के हाथों में पुस्तकों के लिए धनराशि नहीं पहुंच पायी है। 

समग्र शिक्षा अभियान की ओर से काफी पहले जिलों को पुस्तकों के लिए धनराशि भेज दी गई थी, लेकिन बच्चों को पुस्तकें दी जाएं या फिर इसके लिए धनराशि इसे लेकर कुछ समय तक असमंजस बना रहा। यही वजह रही कि इसमें देरी हुई है।
-वीएस रावत, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा

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