उत्तराखंड: सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की 53 रुपये की बढ़ोतरी
- ए ग्रेड की धान का मूल्य 1888, औसत धान का 1868 रुपये प्रति क्विंटल तय
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उत्तराखंड सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 53 रुपये की बढ़ोतरी की है। एक अक्तूबर से प्रदेश में धान की खरीद शुरू हो जाएगी। पिछले साल सरकार ने ए ग्रेड धान की कीमत 1835 तय की थी, इसे बढ़ाकर 1888 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं, औसत धान का एमएसपी 1815 रुपये से बढ़ाकर 1868 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया है।
बृहस्पतिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खरीफ खरीद सत्र के लिए धान क्रय करने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सीएम ने कहा कि किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने के लिए डाटा तैयार किया जाए।
धान की खरीद ई-खरीद साफ्टवेयर के माध्यम से करने के साथ ही किसानों की सुविधा के लिए उन्हें घर पर ही ऑनलाइन पंजीकरण कराने तथा टोकन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। बैठक में सचिव वित्त सौजन्या, सचिव कृषि हरबंश सिंह चुघ समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य किया तय
प्रदेश सरकार ने इस साल किसानों से 10 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में 242 क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों से धान खरीदा जाएगा। बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों को धान क्रय करने के लिए जरूरी व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
एक अक्तूबर से प्रदेश में 242 क्रय केंद्रों पर धान खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। क्रय केंद्रों पर किसानों को कोई परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने धान मूल्य का किसानों को तत्काल भुगतान करने की व्यवस्था बनाने को कहा है। सहकारिता विभाग को आवश्यक धनराशि व्यवस्था करने के साथ ही प्रबंध निदेशक मंडी को भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सचिव खाद्य सुशील कुमार ने बताया कि धान की खरीद खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, एनसीसीएफ एवं नैफेड के माध्यम से की जाएगी। कच्चा आढ़तियों के माध्यम से भी धान क्रय की व्यवस्था है।
खाद्य विभाग व उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम व केंद्रीय भंडारण निगम के स्तर पर धान को भंडारण करने की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष लगभग 2.50 लाख हेक्टयर भूमि पर धान की बुआई हुई थी, जिसके सापेक्ष 10 लाख मीट्रिक टन धान क्रय का लक्ष्य है।