बड़ा फैसला: 10 हजार पट्टेदार बनेंगे जमीन मालिक, फरमान जारी
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उत्तराखंड में वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों को मालिकाना हक मिलेगा। राज्य शासन ने इस आशय का आदेश सभी जिलाधिकारियों को जारी कर दिया। इस आदेश से प्रदेश के दस हजार से भी ज्यादा पट्टेदारों को संक्रमणीय भूमिधरी मिलेगी। इनमें वो पट्टेदार भी शामिल हैं, जिन्होंने 2006 से पहले अपने पट्टे तो नियमित करा लिए थे, लेकिन उन्हें राजस्व अभिलेखों में अभी तक मालिकाना हक नहीं मिल सका था।
राजस्व सचिव डीएस गर्ब्याल ने 26 नवंबर को इस आशय के आदेश जारी कर दिए। भूमिधरी के अधिकार पूर्व के प्रावधानों व शर्तों के अनुरूप ही दिए जाएंगे। वर्ष 2006 में नैनीताल, यूएसनगर, चम्पावत, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी के डीएम को आदेश जारी किए गए थे कि वर्ग-4 की भूमि पर अवैध रूप से काबिज पट्टेदारों को सशर्त नियमित किया जाए।
इनमें उन्हीं के पट्टे नियमित किए जाने थे जो कि तीस जून 1983 से इन पर अवैध रूप से काबिज थे। उस समय केवल 478 पट्टेदारों ने ही अपने पट्टों को नियमित कराया था, लेकिन उन्हें भी मालिकाना हक नहीं मिल सका था। इसके अलावा लगभग दस हजार पट्टेदार और भी हैं जिनके पट्टे नियमित करके मालिकाना हक दिया जाना है।
साथ ही जो 2006 तक अपने पट्टों को नियमित नहीं करा सके, उनके लिए भी यह बड़ा अवसर है। वे भी अपने पट्टों को नियमित करा सकेंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा चारों मैदानी जिलों के पट्टेदारों को मिलेगा।
हक पाने के लिए पट्टेदारों को पूरी करनी होंगी ये शर्ते
1. पट्टे की जमीन सार्वजनिक उपयोग जैसे चकमार्ग, गूल, खलिहान, कब्रिस्तान, शमशानघाट, चारागाह की नहीं होनी चाहिए।
2. यदि ऐसी जमीन किसी पट्टेदार के पास हुई तो उसे खाली कराया जाएगा।
3. पट्टे का नियमितीकरण करने से पहले तहसीलदार को प्रमाण पत्र देना होगा।
4. किसी पट्टे से संबंधित वाद किसी न्यायालय में लंबित नहीं होना चाहिए।
5. एससी, एसटी, बीपीएल, अंत्योदय की भूमि को शामिल करते हुए उतनी ही भूमि का नियमितीकरण निशुल्क होगा, जो कि मिलाकर 3.125 एकड़ से ज्यादा ना हो।
6. एससी, एसटी, बीपीएल, अंत्योदय के कब्जेदारों के लिए उनकी भूमि समेत 3.125 एकड़ से अधिक, लेकिन 12.5 एकड़ से कम पर कब्जे की अवधि का भू-राजस्व का बीस गुणा व सर्किल रेट का 15 प्रतिशत लेकर नियमितीकरण होगा।
7. यदि किसी के पास वर्ग-4 की 6.25 एकड़ से अधिक भूमि है तो 12.5 एकड़ तक कब्जे की अवधि से बीस गुणा भू-राजस्व लेकर सर्किल रेट के 40 प्रतिशत नजराना अदा करना होगा।
8. वर्ग-4 का ऐसा अध्यासी जिसकी मृत्यु 1390 फसली वर्ष केबाद हुई है, उसके वारिसान के पक्ष में नियमितीकरण किया जाएगा।