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पलायन और बेरोजगारी: एक तीर से दो निशाने साधने की तैयारी में सरकार
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 31 May 2018 08:59 AM IST
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trivendra singh rawat
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उत्तराखंड सरकार ऐसी योजना बनाना चाहती है ताकि पलायन और बेरोजगारी दोनों की समस्याओं का एक साथ समाधान हो जाए। एक तीर से दो निशाने साधने की अपनी इस रणनीति पर सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है।
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नियोजन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह पलायन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर एक ऐसी कार्ययोजना तैयार करे, जिससे विकासखंड स्तर पर रोजगार की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान हो सके। सरकार संभावनाओं वाले ऐसे क्षेत्रों के आधार पर योजनाएं और कार्यक्रम बनाना चाहती है। सभी विभागों को अपने स्तर पर होम वर्क करने के लिए कहा गया है।
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आयोग ने पकड़ा बेरोजगारी का मर्ज
पलायन आयोग के सर्वे में बेरोजगारी का मर्ज पकड़ में आ गया है। पिछले कुछ सर्वेक्षणों के बाद आयोग के सर्वे में भी यह बात पुष्ट हुई है कि उत्तराखंड के खासतौर पर पर्वतीय गांवों से लोगों ने आजीविका और रोजगार के अभाव में घरबार छोड़ दिया। सर्वे के मुताबिक, पिछले करीब एक दशक के दौरान 50 फीसदी लोगों ने रोजगार और आजीविका की तलाश में पलायन कर गए। पलायन करने वाले 71 फीसदी 35 साल तक की आयु वर्ग के लोग थे।
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सेक्टर वाइज कार्ययोजना बनेगी
पलायन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर नियोजन विभाग विकासखंड स्तर पर यह जानने का प्रयास करेगा कि पलायन करने वाले लोग किस तरह की आजीविका या रोजगार से जुड़े हैं। उस तरह के रोजगार के अवसर क्या विकास खंड स्तर पर जुटाए जा सकते हैं? इसके लिए सरकार को किस तरह की योजनाएं बनानी होंगी? नियोजन विभाग की कार्ययोजना तैयार होने के बाद इन तमाम प्रश्नों के हल शासन स्तर पर तलाशे जाएंगे।
सरकार पर है भारी दबाव
प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या साढ़े नौ लाख के पार पहुंच चुकी है। अपंजीकृत बेरोजगारों को इसमें शामिल कर दें तो बेरोजगारों की बहुत बड़ी संख्या है। सरकारी क्षेत्र में नौकरियां सीमित हैं, इसलिए सरकार पर गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने को लेकर भारी दबाव है। इस दबाव को कम करने के लिए वह कृषि, ग्रामीण विकास, कौशल विकास, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन की विभागीय योजनाओं को न्याय पंचायत और विकासखंड स्तर पर आजीविका से जोड़ना चाहती है।
मुख्यमंत्री जी ने इस वर्ष को रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। सभी विभागों के अधिकारियों से कहा गया है कि वे रोजगार को लेकर रूपरेखा तैयार करें। नियोजन विभाग को पलायन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर विकासखंड स्तर पर सेक्टर वाइज कार्ययोजना बनाने का कहा गया है। विभाग सचिव समिति की बैठक में इसका प्रस्तुतीकरण देगा। सरकार की मंशा विकासखंड पर फोकस करने की है ताकि वहीं आजीविका के संसाधन उपलब्ध हों
- उत्पल कुमार सिंह, मुख्य सचिव