फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand government employees strike today 

उत्तराखंड: 3 लाख सरकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर, वित्त मंत्री संग हुई वार्ता से निकल सकता है हल

Thu, 31 Jan 2019 08:34 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 31 Jan 2019 08:34 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand government employees strike today 
परेड ग्राउंड में जुटे हड़ताली कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

10 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश के तीन लाख सरकारी कर्मचारी आज सामूहिक अवकाश पर रहे। जिसके बाद संयोजक मंडल संग हुई बैठक में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने आवास भत्तों में बढ़ोतरी की संकेत दिए। बैठक में कर्मचारियों की दस सूत्री मांगों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने समन्वय समिति से कहा कि वह उनकी सभी मांगे शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट के सामने रखेंगे। जिसके बाद कैबिनेट उन पर फैसला लेगी। इस दौरान वित्त मंत्री ने आवास भत्ते में बढ़ोतरी के संकेत दिए। उधर, समन्वय समिति का कहना है कि लिखित में बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद संयोजक मंडल इस विचार करेगा और आगे की रणनीति तय करेगा। कहा कि कल कैबिनेट की बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

विज्ञापन


इससे पहले गुरुवार को सचिवालय में कर्मचारी पहुंचे। लेकिन उन्होंने हाजरी लगाई और प्रदर्शन में जुट गए। एटीएम गेट पर कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। सचिवालय में कामकाज ठप रहा। वहीं प्रदर्शनकारियों द्वारा सचिवालय में आने वाले कर्मचारियों को भी काम करने से रोका गया। सचिवालय संघ के अध्य्क्ष ने अपील की कि सभी कर्मचारी हाजरी कैंसिल करें और सामूहिक अवकाश में शामिल हों। इसी तरह अन्य विभागों में भी काम काज ठप रहा। इसके बाद सातवें वेतनमान के भत्तों समेत 10 सूत्रीय मांग पत्र पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत से उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति की बैठक राज्य सचिवालय में शुरू हुई।
विज्ञापन

 

बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी से समिति संयोजक मंडल की वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। समन्वय समिति की मांगों पर सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध बना हुआ है। वहीं, सरकार की ओर से फिर वार्ता की पहल को देखते हुए समन्वय समिति ने स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाएं, एंबुलेंस, रोडवेज बसों के संचालन, विद्युत उत्पादन एवं वितरण से सीधे जुड़े कर्मचारियों को सामूहिक अवकाश से छूट दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन


बाकी प्रदेशभर के सभी कर्मचारियों से आह्वान किया गया है कि वे सामूहिक अवकाश पर रहें।  सरकार ने भी इस मामले में कमर कस ली है। दफ्तर आने वाले कर्मचारियों को सरकार की ओर से पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

कोषागारों को वेतन काटने के निर्देश
कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने के एलान के बाद प्रदेश सरकार का कड़ा रुख बना हुआ है। बुधवार को वित्त विभाग ने निदेशक कोषागार को निर्देश दिए हैं कि जो कर्मचारी बिना अनुमति अवकाश पर रहेगा, ‘कार्य नहीं तो वेतन नहीं’ के सिद्धांत के आधार पर उसका एक दिन का वेतन जारी न किया जाए। ये आदेश उपनल, पीआरडी, विभागीय संविदा पर भी समान रूप से लागू होगा।

सचिवालय कर्मियों की छुट्टी पर रोक
सचिवालय प्रशासन सचिवालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी है। प्रभारी सचिव सचिवालय प्रशासन इंदुधर बौड़ाई ने इस संबंध में सभी संयुक्त सचिवों, उप सचिवों, अनुसचिवों और अनुभाग अधिकारियों को आदेश जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि समन्वय समिति के 31 जनवरी और चार फरवरी को घोषित आंदोलन के तहत किसी भी प्रकार का अवकाश न दिया जाए। अपरिहार्य स्थिति में ही अवकाश स्वीकृत हो। कहा गया है कि अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिव की संस्तुति के बगैर अवकाश न दिया जाए।

संवाद से ही निकलेगा हल
समस्याओं के समाधान संवाद से ही निकाले जा सकते हैं। कर्मचारी हमारे अपने हैं और राज्य के संसाधन भी अपने हैं। मैं पूरी तरह से आशान्वित हूं कि वार्ता में समाधान निकाल लिया जाएगा।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री

सरकार के संवाद की पहल का हम स्वागत करते हैं। लेकिन साथ ही ये आशा भी करते हैं कि जिन मांगों पर सहमति बनेगी, सरकार उन पर अक्षरश: अनुपालन करेगी। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर बाकी तीन लाख कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
- दीपक जोशी, संयोजक, उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति

कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान रहेगी कड़ी सुरक्षा
राज्य कर्मचारियों की बृहस्पतिवार को प्रस्तावित हड़ताल के दौरान देहरादून शहर में किलेबंदी जैसी स्थिति रहेगी। शहर को चार जोन, 11 सेक्टर और 33 सब सेक्टर में बांटकर सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। सचिवालय के दोनों गेटों पर सीओ की अगुवाई में चार थाना प्रभारी और पीएसी तैनात रहेगी। उधर डीजीपी ने पुलिस अधिकारियाें के साथ बैठक कर सुरक्षा प्रबंधाें की समीक्षा की। 

कर्मचारियाें की हड़ताल के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूडी ने पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर मंत्रणा की। हालांकि कर्मचारी नेताओं ने आवश्यक सेवाओं को बाधित न करने की घोषणा की है। डीजीपी के निर्देशाें के अनुपालन में आईजी गढ़वाल अजय रौतेला ने एसएसपी निवेदिता कुकरेती, एसपी सिटी श्वेता चौबे के साथ सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियाें को अंतिम रूप दिया।

एसएसपी ने बताया कि कर्मचारियाें के आंदोलन के दौरान शहरभर में पुलिस सक्रिय रहेगी। थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सेक्टर और उप सेक्टर में लगातार भ्रमण करते रहेंगे। सचिवालय के बाहर ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मी आंदोलन की तमाम गतिविधियों की वीडियोग्राफी करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed