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चिंतन शिविर: सीएस बोले- उत्तराखंड ने 20 साल में जितनी तरक्की की यूपी में होते तो 70 साल में भी नहीं कर पाते
Tue, 22 Nov 2022 09:28 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 22 Nov 2022 09:28 PM IST
सार
डॉ. संधु मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आयोजित सशक्त उत्तराखंड @ 25 चिंतन शिविर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यूपी में नौ साल काम करने का अवसर मिला।
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चिंतन शिविर में सीएम धामी के साथ मुख्य सचिव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हमें उत्तराखंड बनने का बहुत फायदा हुआ। जितनी तरक्की हमने 22 साल में की, शायद यूपी का हिस्सा होते तो 60 से 70 साल में भी इतना विकास नहीं कर पाते। यह कहना है मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु का। डॉ. संधु मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आयोजित सशक्त उत्तराखंड @ 25 चिंतन शिविर में बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि उन्हें यूपी में नौ साल काम करने का अवसर मिला। उस दौरान वे यूएसनगर और हरिद्वार के डीएम रहे। तब उन्होंने देखा कि यूपी का हिस्सा रहते हुए यहां की क्या परिस्थितियां थीं। उत्तरप्रदेश के मुकाबले उत्तराखंड बहुत पीछे था, लेकिन आज कई पैरामीटर में उत्तराखंड टॉप टेन में आ चुका है।
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दिशा नहीं बदलेंगे तो हम पीछे रह जाएंगे
सीएस ने कहा कि चिंतन शिविर समय और परिस्थितियों की मांग हैं। हम दिशा नहीं बदलेंगे तो पीछे रह जाएंगे और दुनिया आगे निकल जाएगी। पीछे रहने का मतलब हमारी जीडीपी भी कम हो जाएगी। कम तरक्की होगी तो इसका असर रोजगार पर पड़ेगा। हमारे बच्चे बेरोजगार रह जाएंगे। राज्य में रोजगार बहुत बड़ा मुद्दा है, जिस पर हमें काम करना है।
1. सुविधाएं बढ़ाएंगे तो पर्यटक ज्यादा समय बिताएंगे
उन्होंने कहा कि पर्यटन उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है। चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या पर्यटक आते हैं, लेकिन सभी की खर्च की क्षमता समान नहीं होती। 20 से 30 प्रतिशत यात्री ऐसे होते हैं, जो ज्यादा खर्च कर सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए हमें मनोरंजन और अन्य सुविधाएं देनी होगी। ऐसा कर पाएंगे तो वह ज्यादा समय यहां बिताएंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
2. हाइड्रोपावर में बहुत संभावनाएं हैं
सीएस ने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं के क्षेत्र में राज्य में बहुत संभावनाएं हैं, लेकिन पर्यावरण और पीआईएल के कारण इनमें कुछ बधाएं हैं। सुप्रीम कोर्ट और पर्यावरण मंत्रालय के आदेश भी आए हैं। इन चुनौतियों के बावजूद हमें हाइड्रो पावर की संभावनाओं का दोहन करना है।
3. लाखों को रोजगार देगी जड़ी-बूटी और योग
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जड़ी-बूटी और योग के क्षेत्र में लाखों लोगों को रोजगार देने की क्षमता है। हमें अपनी नीति ठीक करनी होगी। ऋषिकेश योग के क्षेत्र में तेजी से उभरा है और पूरी दुनिया में योगनगरी के रूप में स्थापित हो चुका है। पूरी दुनिया वेलनेस की तरफ बढ़ रही है। हम इस विश्व बाजार का दोहन कर सकते हैं। हमारे पास अच्छी जलवायु है।
4. बागवानी : हिमाचल से ज्यादा संभावना, लेकिन विभाग ही खिलाफ
मुख्य सचिव ने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में उत्तराखंड में हिमाचल से अधिक संभावनाएं हैं। लेकिन यहां बागवानी विभाग ही बागवानी की राह में अड़चन बना है। जब भी कोई नया आइडिया लाएंगे, हरेक आदमी अपना स्वार्थ देखेगा कि मेरे लिए इसमें क्या है। यही कारण है कि हम पीछे रह गए। हमें अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना होगा ताकि हम बागवानी के क्षेत्र में तरक्की कर सकें।
5. सारी दुनिया जल संकट से जूझ रही है, हमारे पास वाटर टावर हैं
सीएस ने कहा कि सारी दुनिया पानी की कमी से जूझ रही है, लेकिन प्रकृति ने हमारे प्रदेश को वाटर टावर दिया है। हम नौजवानों के सामने यह टास्क दे सकते हैं कि वाटर टावर का राज्य व राष्ट्रहित में कैसे उपयोग हो।