'नमाज की छुट्टी' पर घमासान, बैकफुट पर आई उत्तराखंड सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जुमे की नमाज के लिए सरकारी कर्मचारियों को अवकाश देने पर मचे सियासी घमासान ने उत्तराखंड सरकार को बैकफुट पर ला दिया है। फैसले पर उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक विपक्षी दलों का जोरदार विरोध देख सीएम के मीडिया सलाहकार को सफाई देने उतरना पड़ा।
गौरतलब है कि सीएम हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने जुमे की नमाज अदा करने के लिए सरकारी कर्मचारियों को 90 मिनट का अवकाश देने अवकाश देने के फैसले पर मुहर लगाई थी। चुनाव से ठीक पहले मुस्लिम समुदाय के नाम पर लिए हरीश रावत के फैसले ने सियासी घमासान मचा दिया।
विपक्षी दलों ने कांग्रेस सरकार के फैसले को बांटने वाला बताया। वहीं सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी सरकार के फैसले का जोरदार विरोध हुआ। चौतरफा विरोध होता देखकर सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा।
सीएम के मीडिया सलाहकार ने कही बिल्कुल नई बात
सियासी प्रबंधन के लिए सीएम के मीडिया सलाहकार उनका पक्ष लेकर सामने आए तो उसमें सभी धर्मों के लिए अवकाश की बात कही।
अग्रवाल ने कहा कि सीएम त्योहार, पूजा अर्चना व विशेष धार्मिक अवसरों पर सरकार कर्मचारियों को आवश्यकता होने पर विशेष अवकाश दिए जाने का निर्णय लिया है। यह सुविधा सभी धर्मों, जातियों व वर्गों के कर्मचारियों को अल्प समय के लिए अनुरोध किए जाने पर मिलेगी।
यह सुविधा सभी धर्मों, जातियों व वर्गों के कर्मचारियों को अल्प समय के लिए अनुरोध किये जाने पर मिलेगी। हालांकि जुमे की नमाज की तरह अन्य धर्मों के लिए पूजा का अवकाश समय और प्रक्रिया अभी सरकार ने स्पष्ट नहीं की है।
'वोटबैंक के लिए किसी हद तक जा सकती है हरीश सरकार'
बता दें कि दो दिन पहले हरीश रावत मंत्रिमंडल ने जुमे की नमाज के लिए हर शुक्रवार को मुस्लिम कर्मचारियों को 90 मिनट का अवकाश देने का निर्णय लिया था। सरकार के निर्णय पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने सरकार के फैसले को सियासी बताते हुए हमला बोला।
सोमवार सुबह ही दिल्ली में भी भाजपा के नेता फैसले के विरोध में मुखर दिखे। उधर, शिव सेना की प्रवक्ता मनीषा कायंदे ने कांग्रेस सरकार पर मुस्लिमों के तुष्टिकरण की राजनीति खेलने का आरोप लगाते हुए मामले को संसद में उठाने की बात कही।
भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा कि वोट के लिए उत्तराखंड की हरीश सरकार किसी भी हद को लांघ सकती है। हिंदू बोलें कि हमें सोमवार को शिव जी की पूजा के लिए दो घंटे की छुट्टी चाहिए। मंगलवार को हनुमान पूजा के लिए छुट्टी चाहिए तो क्या सरकार उन्हें भी अवकाश देगी?
भाजपा के ही एक सीएम का आइडिया: रावत
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि सीएम हरीश रावत केवल वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने समाज को बांटने वाला निर्णय लिया। सरकार को विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना होग। इसके साथ ही सोशल मीडिया में भी जमकर इस फैसले पर सरकार को घेरा गया।
जुमे की नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को 90 मिनट के अवकाश का निर्णय हमने भाजपा के एक मुख्यमंत्री (नाम नहीं लिया) के आइडिया पर लिया है। भाजपा को आपत्ति है तो अपने उस सीएम से बात करनी चाहिए।
-हरीश रावत, सीएम