उत्तराखंड : प्रमोशन पर लगी रोक के विरोध में कर्मचारियों ने निकाली चेतना रैली, परिवार भी हुआ शामिल
प्रमोशन पर लगी रोक और पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मियों ने चेतना रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। सचिवालय कूच कर रहे कर्मचारियों को सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर रोक लिया।
इससे उत्तेजित कर्मचारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने सरकार व शासन से पदोन्नति पर रोक हटाने की मांग की। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक रोहिला ने मौके पर आकर ज्ञापन लिया और सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को देहरादून जनपद के कर्मचारियों ने पदोन्नति पर लगाई गई रोक का जमकर विरोध किया। परेड ग्राउंड से शुरू हुई चेतना रैली लैंसडाउन चौक, कनक चौक होते ही सचिवालय की ओर जा रही थी, लेकिन सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इस पर कर्मचारी वहीं धरने पर बैठे गए।
एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 15 नवंबर 2019 के निर्णय में पूर्व निर्णयों को संशोधित किया है। जिससे शासन की ओर से 11 सितंबर 2019 को पदोन्नति पर लगाई रोक का कोई औचित्य नहीं है। सरकार को तत्काल प्रभाव से प्रमोशन पर लगी रोक हटाकर बिना आरक्षण के पदोन्नति बहाल करनी चाहिए। पदोन्नति न होने से कई सालों की सेवा करने के बाद कर्मचारी पदोन्नति लाभ के बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रैली में ये रहे मौजूद
रैली में प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसाईं, सुभाष चौहान, राम सिंह चौहान, सुभाष देवलियाल, हीरा सिंह बसेड़ा, रीता कौल, अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय महासचिव वीपी नौटियाल, संदीप रमोला, राजेंद्र सिंह, मुकेश बहुगुणा, जिलाध्यक्ष आशुतोष सेमवाल, महासचिव मुकेश ध्यानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, विमल डबराल, मुकेश बहुगुणा, सुनीता उनियाल, शांतनु शर्मा, सीएल असवाल, वीके धस्माना, प्रवीण सक्सेना, राहुल अग्रवाल, एसपीएस देवरा, डीएस सरियाल, शंकर पाठक, नवीन कांडपाल, डीएस असवाल समेत कई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
25 दिसंबर को मंत्रियों के आवास तक कैंडल मार्च
रैली के दौरान पदोन्नति पर लगी रोक को हटाने के लिए लड़ाई जारी रखने का एलान किया गया। जिसमें 25 दिसंबर को बिंदाल पुल से यमुना कालोनी स्थित मंत्रियों के आवास तक कर्मचारी कैंडल मार्च निकालेंगे। मंत्रियों को पदोन्नति पर रोक हटाने और बिना आरक्षण के लिए डीपीसी बहाल करने के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आरक्षण समाप्त कर शीघ्र प्रमोशन पर रोक हटाए सरकार
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश से मुलाकात कर 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। परिषद का कहना है कि लंबे समय से मांगों का निस्तारण न होने से कर्मचारियों में भारी रोष है। परिषद ने सरकार से मांग की है कि आरक्षण को समाप्त कर शीघ्र ही प्रमोशन पर लगी रोक को हटाया जाए। एसीपी का लाभ पूर्व की तरह 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पदोन्नति वेतनमान के साथ प्रदान किया जाए।
सोमवार को परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव को मांग पत्र सौंपकर अवगत कराया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। लंबे समय से परिषद मांगों को शासन स्तर पर उठा रहा है। लेकिन आश्वासन के सिवाय कोई उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिषद ने सीजीएचएस की दरों पर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने, सभी फील्ड कार्मिकों को वाहन भत्ता देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने की मांग की है।
वहीं, कोषागार की तर्ज पर सभी विभागों में लेखा संवर्ग में सहायक लेखाकार व लेखाकार को ग्रेड वेतन दिया जाए। लंबे समय से संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने, शिथिलीकरण का लाभ प्रदान करने, सभी जनपदों में कर्मचारी कल्याण निगम की स्थापना और मूलरूप से 4800 ग्रेड पे पर नियुक्त अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस का भुगतान करने की मांग उठाई। इस मौके पर कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष नंद किशोर त्रिपाठी, महामंत्री अरुण पांडे, शक्ति प्रसाद भट्ट, जिला अध्यक्ष ओमवीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश ममगाईं मौजूद थे।